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कैलास यात्रियों का 17वां दल भी रवाना
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Tue, 16 Aug 2016 10:33 PM IST
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आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय में कैलास यात्रियों का 17वां दल
- फोटो : अमर उजाला
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कैलास मानसरोवर यात्रा पर जाने वाला 17वां दल भी मंगलवार को रवाना हो गया। अब यात्रा पर सिर्फ एक दल और जाएगा। इसी के साथ यात्रा का समापन हो जाएगा। यात्रियों का यहां पर्यटक आवासगृह और आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय में जोरदार स्वागत हुआ। यात्रियों के स्वागत के लिए मंगलवार को भी आईटीबीपी में छलिया दल तैयार रहा।
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17वें दल के लायजन आफीसर होशियार सिंह ने बताया कि दल में 5 महिलाओं समेत 26 यात्री हैं। दल का डीडीहाट पहुंचने पर पर्यटक आवासगृह के मैनेजर आनंद आर्या ने स्वागत किया। यात्रियों ने कुमाऊंनी व्यंजनों का लुत्फ उठाया। उसके बाद यात्री दल आईटीबीपी मिर्थी पहुंचा। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने दल का गर्मजोशी से स्वागत किया। सेनानी ने दल के सदस्यों को उच्च हिमालयी क्षेत्र के बदलते मौसम, पैदल रास्तों, कठिन और खतरनाक रास्तों की जानकारी दी। दल में सबसे छोटे यात्री केरल निवासी 28 वर्षीय पोरकला मट्टू और सबसे बुजुर्ग यात्री गुजरात निवासी 67 वर्षीय नानूभाई नागजीभाई राडाडिया हैं।
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यह दोनों यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित हैं। दल में दिल्ली, महाराष्ट्र के 4-4, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, उत्तरप्रदेश के 3-3, गुजरात, चेन्नई के 2-2 और चंडीगढ़, झारखंड के 1-1 यात्री शामिल हैं। दल के स्वागत में आईटीबीपी के सभी अधिकारी और जवान मौजूद थे। दल दोपहर बाद आधार शिविर धारचूला को रवाना हो गया। कैलास मानसरोवर यात्रियों का अंतिम दल 20 अगस्त को धारचूला पहुंचेगा।
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