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वनस्पतियों के संरक्षण के लिए आग से बचाने होंगे जंगल
Sun, 23 Dec 2018 10:04 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/अमर उजाला, गणाईगंगोली
ब्यूरो/अमर उजाला, गणाईगंगोली
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Sun, 23 Dec 2018 10:04 PM IST
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गणाईगंगोली महाविद्यालय में कार्यशाला को संबोधित करते वक्ता
- फोटो : अमर उजाला
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राजकीय महाविद्यालय गणाईंगोली में हिमालयी क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण और बौद्धिक संपदा के परंपरागत ज्ञान के संबंध में कार्यशाला हुई। इसमें रक्षा जैव विविधता शोध संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हेमंत कुमार पांडे ने जैव विविधता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्याख्यान दिया। कहा कि हिमालयी क्षेत्र में वनस्पतियों के संरक्षण के लिए जंगलों को आग से बचाना होगा। वनस्पतियों की कृषि को बढ़ावा देना होगा। वनस्पतियों का उपयोग योजना के अनुसार करना होगा।
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यूकास्ट की ओर से आयोजित कार्यशाला में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सीएस नेगी ने कहा कि जैव विविधता के लिए स्थानीय जनता की भागीदारी आवश्यक है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सीडी सूंठा ने बौद्धिक संपदा पर प्रकाश डाला।
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साहित्यकार एलडी पांडेय ने कविताओं के माध्यम से जैव विविधता के संरक्षण का संदेश दिया। गंगोलीहाट डिग्री कॉलेज के प्राचार्य एसके गुरुरानी की अध्यक्षता और गुरड़ाबांज डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरएस भट्ट के मुख्य आतिथ्य में हुई कार्यशाला में डॉ. मुनेश कुमार पाठक, डॉ. सरिता खाती, डॉ. नमित कुमार शर्मा, गंगा गिरी के साथ ही शिक्षण स्टाफ और विद्यार्थी मौजूद थे।
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