भारत-चीन सीमा पर मिलम से लिपुलेख तक सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, जेट फाइटर से रखी जा रही नजर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमा पर चीनी सैनिकों की बढ़ रही गतिविधियों को देखते हुए भारत ने भी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की है। भारतीय वायुसेना के जेट फाइटर लगातार उड़ान भरकर सीमा की टोह ले रहे हैं।
चीन के साथ चल रही तनातनी को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी चीन सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवान अग्रिम चौकियों में 24 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं। पिथौरागढ़ जिले से लगने वाली मिलम से लिपुलेख तक की सीमा पर सुरक्षा बलों के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रैगन की हर गतिविधि का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयारियां की हैं। सुरक्षा बलों के जवान जहां पैदल गश्त कर सीमा की निगरानी कर रहे हैं वहीं वायु सेना भी हवा से सीमा पर नजर रखे हुए है। इसके लिए लगातार भारतीय वायु सेना के जेट फाइटर सीमा पर उड़ान भर रहे हैं। नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा बल कड़ी निगाह रखे हुए हैं।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में गिरने लगा तापमान
उच्च हिमालयी क्षेत्र स्थित मिलम और लिपुलेख में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। लिपुलेख में अधिकतम तापमान पांच डिग्री तक आ गया है। बृहस्पतिवार को हिमालयी क्षेत्र में बादल छाने से ठंड में और इजाफा हो गया।
कालापानी से लेकर लिपुलेख और मिलम तक अक्तूबर अंतिम सप्ताह से बर्फबारी शुरू हो जाती है। लिपुलेख में 12 से 15 फीट तक हिमपात होता है। सीमा पर जिस तरह से हलचल हो रही है उसको देखते हुए इस बार सुरक्षा बलों के जवानों के भारी हिमपात में भी अग्रिम चौकियों में ही डटे रहने की संभावना है। इस तरह के हालातों के लिए सुरक्षा बलों ने अग्रिम चौकियों तक रसद और अन्य साजोसामान की आपूर्ति कर ली है।