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Pithoragarh News: आंतों में सूजन के साथ बढ़ा पीलिया का संक्रमण
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पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में मरीज की जांच करते मुख्य फिजिशियन डॉ डीएस धर्मशक्तू। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। जिले में इन दिनों आंतों में सूजन के साथ पीलिया का संक्रमण बढ़ने लगा है। रोजाना 15 से 20 मरीज बीडी पांडे जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। जिले में पहली बार मरीजों में आंतों में सूजन के साथ पीलिया संक्रमण दिखने से डॉक्टर भी हैरान हैं।
पीलिया का पता लोगों को काफी देरी से चल रहा है। पेट दर्द या अन्य कोई परेशानी होने पर वह अस्पताल आ रहे हैं। हालांकि ज्यादातर मरीज पेट दर्द की शिकायत होने पर मेडिकल स्टोर से दवा ले रहे हैं। जब बीमारी ठीक नहीं हो रही है तब वह अस्पताल आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पीलिया संक्रमण दूषित पानी और दूषित खाने से होता है। जरा सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर अस्पताल जरूर जाएं। वहीं बच्चों में भी पीलिया संक्रमण देखने को मिल रहा है।
मरीजों में पहली बार आंतों में सूजन के साथ पीलिया देखने को मिल रहा है। आज से पहले ऐसा कभी नहीं देखा गया है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। एकदम से पीलिया के लक्षण सामने नहीं आ रहे हैं। पेट दर्द की शिकायत के बाद ही मरीज अस्पताल आ रहे हैं। जांच में पीलिया होने की पुष्टि हो रही है। -डॉ.एलएस बोरा, वरिष्ठ सर्जन, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।
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लोगों में पीलिया तेजी के साथ फैलने लगा है। स्कूली बच्चों में भी पीलिया के लक्षण सामने आ रहे हैं। हो सकता है दूषित पानी पीने या अन्य कारणों से ऐसा हो रहा है जबकि उनके परिवार में अन्य किसी को पीलिया के लक्षण नहीं है। नवंबर के मध्य से पीलिया संक्रमण बढ़ा है। -डॉ. डीएस धर्मशक्तू, मुख्य फिजिशयन, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।
बच्चों में भी पीलिया लगातार देखने को मिल रहा है। कई बच्चे ऐसे हैं जिनमें एक बार पीलिया होने के बाद दोबारा इसके लक्षण दिखाई दे रहे हैं। बच्चों पर अभिभावकों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। लापरवाही गंभीर हो सकती है। -डॉ. एसएस नबियाल, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।
मानस एकेडमी में हर 45 दिन बाद टंकियों की सफाई होती है। एकेडमी में पानी के लिए आरओ और एक्वागार्ड लगाए गए हैं। अभिभावक भी जागरूक हुए हैं। स्कूल में बच्चे घर से ही पानी लेकर आते हैं। बच्चों को स्वच्छता के प्रति लगातार प्रेरित किया जाता है। -डॉ.अशोक पंत, निदेशक, मानस एकेडमी, पिथौरागढ़।
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पीलिया का पता लोगों को काफी देरी से चल रहा है। पेट दर्द या अन्य कोई परेशानी होने पर वह अस्पताल आ रहे हैं। हालांकि ज्यादातर मरीज पेट दर्द की शिकायत होने पर मेडिकल स्टोर से दवा ले रहे हैं। जब बीमारी ठीक नहीं हो रही है तब वह अस्पताल आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पीलिया संक्रमण दूषित पानी और दूषित खाने से होता है। जरा सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर अस्पताल जरूर जाएं। वहीं बच्चों में भी पीलिया संक्रमण देखने को मिल रहा है।
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मरीजों में पहली बार आंतों में सूजन के साथ पीलिया देखने को मिल रहा है। आज से पहले ऐसा कभी नहीं देखा गया है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। एकदम से पीलिया के लक्षण सामने नहीं आ रहे हैं। पेट दर्द की शिकायत के बाद ही मरीज अस्पताल आ रहे हैं। जांच में पीलिया होने की पुष्टि हो रही है। -डॉ.एलएस बोरा, वरिष्ठ सर्जन, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।
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लोगों में पीलिया तेजी के साथ फैलने लगा है। स्कूली बच्चों में भी पीलिया के लक्षण सामने आ रहे हैं। हो सकता है दूषित पानी पीने या अन्य कारणों से ऐसा हो रहा है जबकि उनके परिवार में अन्य किसी को पीलिया के लक्षण नहीं है। नवंबर के मध्य से पीलिया संक्रमण बढ़ा है। -डॉ. डीएस धर्मशक्तू, मुख्य फिजिशयन, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।
बच्चों में भी पीलिया लगातार देखने को मिल रहा है। कई बच्चे ऐसे हैं जिनमें एक बार पीलिया होने के बाद दोबारा इसके लक्षण दिखाई दे रहे हैं। बच्चों पर अभिभावकों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। लापरवाही गंभीर हो सकती है। -डॉ. एसएस नबियाल, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।
मानस एकेडमी में हर 45 दिन बाद टंकियों की सफाई होती है। एकेडमी में पानी के लिए आरओ और एक्वागार्ड लगाए गए हैं। अभिभावक भी जागरूक हुए हैं। स्कूल में बच्चे घर से ही पानी लेकर आते हैं। बच्चों को स्वच्छता के प्रति लगातार प्रेरित किया जाता है। -डॉ.अशोक पंत, निदेशक, मानस एकेडमी, पिथौरागढ़।