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Pithoragarh: पीलिया से 16 वर्षीय छात्रा की मौत, लगातार बढ़ रहे मामले, पढ़ें लक्षण और बचाव के उपाय
Thu, 16 Feb 2023 05:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 16 Feb 2023 05:19 PM IST
सार
कुमौड़ वार्ड निवासी सारिका महर (16) का पीलिया काफी बढ़ गया था। उसे कुछ दिन पहले परिजन पिथौरागढ़ अस्पताल लाए जहां पर जांच में उसमें पीलिया होने की पुष्टि हुई।
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छात्रा की मौत
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
पीलिया से पिथौरागढ़ जिले की 16 वर्षीय छात्रा की राममूर्ति अस्पताल बरेली में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने पहले उसे पिथौरागढ़ अस्पताल में भर्ती कराया और उसके बाद उसे हल्द्वानी ले गए। वहां स्थिति में सुधार नहीं होने पर फिर वापस पिथौरागढ़ लाए और जब यहां अधिक हालत खराब हुई तो बरेली ले गए जहां पर उसकी मौत हो गई। जिले में पीलिया से पहली मौत बताई जा रही है।
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कुमौड़ वार्ड निवासी सारिका महर (16) का पीलिया काफी बढ़ गया था। उसे कुछ दिन पहले परिजन पिथौरागढ़ अस्पताल लाए जहां पर जांच में उसमें पीलिया होने की पुष्टि हुई। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उसे हल्द्वानी ले गए जहां कुछ दिन एक अस्पताल में भर्ती किया गया। वहां भी छात्रा की स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
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इसके बाद उसे परिजन वापस पिथौरागढ़ ले आए। इसके बाद छात्रा की हालत फिर बिगड़ने लगी तो राममूर्ति अस्पताल भोजीपुरा ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी 13 फरवरी को मौत हो गई। उसकी मौत की खबर से कुमौड़ में शोक की लहर है। वह महर्षि विद्या मंदिर की 11 की छात्रा थी। छात्रा के निधन पर विद्यालय में शोकसभा की गई।
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लगातार बढ़ रहे हैं पीलिया के मामले
बीडी पांडे जिला अस्पताल में पीलिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। फरवरी में अब तक जिला अस्पताल में 39 से अधिक पीलिया के मरीज भर्ती हुए हैं। कई का चिकित्सकीय परामर्श के बाद घरों में इलाज चल रहा है। कई ऐसे हैं जो बिना किसी परामर्श के इलाज करने में लगे हैं। कई मरीज ऐसे भी भर्ती हैं जिनमें पीलिया होने की चार, छह, आठ दिन पहले पुष्टि हुई लेकिन वह अस्पताल में एक-दो दिन पहले आए। पीलिया अधिक बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। मुख्य फिजिशियन डॉ. डीएस धर्मशक्तू ने बताया कि पीलिया में परहेज बहुत जरूरी है। जहां मरीज ने परहेज में लापरवाही की पीलिया जानलेवा भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पीलिया लगातार फैल रहा है। ऐसे में कोई भी समस्या हो तो अस्पताल में डॉक्टर को जरूर दिखाएं। बिना सलाह के दवा न लें। उन्होंने बताया कि पीलिया पांच से 28 साल तक के युवाओं को हो रहा है जबकि बुजुर्गों को पीलिया नहीं के बराबर है।
पीलिया के लक्षण
बुखार, थकान होना, वजन घटना, कमजोरी होना, भूख न लगना, पेट में दर्द, सिर में दर्द, पेट में जलन।
पीलिया मेें करें परहेज
अचार, नमक से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा, मीट, अंडे, मदिरा, चाय, कॉफी, तली-भुनी चीजों का सेवन बिल्कुल भी न करें। अधिक खाना न खाएं।
पीलिया में फायदेमंद चीजें
पानी का अधिक से अधिक सेवन, गन्ने का जूस, भोजन हल्का करें, छाछ, मूली के रस का सेवन, नींबू पानी, फलों का जूस, ताजी सब्जियां।