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जौलजीबी मेला आज से, तैयारी पूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, जौलजीबी/धारचूला
Updated Sun, 13 Nov 2016 10:28 PM IST
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महाकाली और गोरी के संगम पर लगने वाला ऐतिहासिक और व्यापारिक महत्व का जौलजीबी मेला सोमवार से शुरू होगा। सरकारी तौर पर 19 नवंबर तक चलने वाले मेले के लिए इस बार करीब 400 अस्थायी दुकान तैयार हो गई हैं। अभी कुछ दुकानों को तैयार करने का काम जारी है। सरकारी विभागों के लिए 28 स्टॉल लगाए गए हैं।
मेले में सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी यहां पहुंचने लगे हैं। मेले में हर साल की तरह इस बार भी रामनगर, बरेली, मथुरा, मुरादाबाद, हल्द्वानी, पिथौरागढ़, चंपावत के व्यापारी पहुंच गए हैं। इसके अलावा तिब्बत व्यापार में भाग ले चुके व्यापारी भी सामान समेत यहां आ गए हैं।
मेलाधिकारी एसडीएम आरके पांडे ने आज मेला स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने रोज होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का रोस्टर तैयार कर लिया है। इस बार स्थानीय गांवों के सांस्कृतिक कार्यक्रम ज्यादा होंगे। इस बार आरईएस ने मेला स्थल पर मैदान को समतल बनाया है। जबकि सांस्कृतिक मंच का निर्माण पिछले साल ही हो गया था।
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मेलाधिकारी ने बताया कि मेले को आकर्षक रूप देने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। सरकारी विभागों के स्टॉल सुबह से खुल जाएंगे। जौलजीबी मेले के कारण नेपाल के उस पार के इलाके में भी चहल पहल रहती है।
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मेले में सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी यहां पहुंचने लगे हैं। मेले में हर साल की तरह इस बार भी रामनगर, बरेली, मथुरा, मुरादाबाद, हल्द्वानी, पिथौरागढ़, चंपावत के व्यापारी पहुंच गए हैं। इसके अलावा तिब्बत व्यापार में भाग ले चुके व्यापारी भी सामान समेत यहां आ गए हैं।
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मेलाधिकारी एसडीएम आरके पांडे ने आज मेला स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने रोज होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का रोस्टर तैयार कर लिया है। इस बार स्थानीय गांवों के सांस्कृतिक कार्यक्रम ज्यादा होंगे। इस बार आरईएस ने मेला स्थल पर मैदान को समतल बनाया है। जबकि सांस्कृतिक मंच का निर्माण पिछले साल ही हो गया था।
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मेलाधिकारी ने बताया कि मेले को आकर्षक रूप देने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। सरकारी विभागों के स्टॉल सुबह से खुल जाएंगे। जौलजीबी मेले के कारण नेपाल के उस पार के इलाके में भी चहल पहल रहती है।