{"_id":"6589b0f389ddadba5a04c5b4","slug":"janaki-devis-property-will-keep-her-alive-in-memories-pithoragarh-news-c-8-hld1004-281962-2023-12-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: जानकी देवी की 'संपत्ति' उन्हें स्मृतियों में जिंदा रखेगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: जानकी देवी की 'संपत्ति' उन्हें स्मृतियों में जिंदा रखेगी
Mon, 25 Dec 2023 10:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 25 Dec 2023 10:12 PM IST
विज्ञापन
जानकी देवी (फाइल फोटो)।
दीपक कापड़ी
पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासखंड के दौला गांव की निराश्रित जानकी देवी (75) का निधन हो गया है। उनके निधन के बाद जब ग्रामीणों ने घर में रखी कपड़े की पोटलियों को खोला तो उनमें एक लाख से अधिक रुपये मिले। बुजुर्ग महिला के पास से जितने भी रुपये और सोना मिला है उससे उनकी स्मृति में पार्क, धर्मशाला और हनुमान मंदिर का निर्माण किया जाएगा।
जानकी देवी विवाह के कुछ समय बाद ही मायके आ गई थीं और अपनी मां के साथ रहती थीं। कई वर्ष पूर्व मां की मौत के बाद वह अकेले रह रहीं थीं। जानकी क्षेत्र में जगह-जगह घूमती रहती थीं। लोग उन्हें रुपये, कपड़े आदि का सहयोग करते थे। ग्रामीण बताते हैं कि जानकी देवी को जो भी मदद लोग करते थे वह उसको कमरे में रख देती थीं।
दान में मिली चीजों का उन्होंने कभी प्रयोग नहीं किया। वह हमेशा पुराने कपड़ों में ही इधर-उधर जाया करती थीं। 75 वर्ष की उम्र में निधन हुआ तो लोगों ने उनके शव को बाहर निकाला। इसके बाद जब अंदर देखा तो कमरा धोती, साड़ी से भरा हुआ था। घर के अंदर कपड़े की छोटी-छोटी अलग-अलग पोटलियां भी मिलीं। ऐसी ही एक पोटली को खोला गया तो उसमें से कई सारे 10, 500 और 1000 के नोट मिले जिन्हें गिना गया तो वे एक लाख रुपये निकले। संवाद
विज्ञापन
बंद हो चुके 500 और हजार के नोट भी मिले
पिथौरागढ़। जानकी देवी के घर से ग्रामीणों को बंद हो चुके एक हजार और 500 रुपये के नोट भी मिले हैं। कई नोट ऐसे मिले हैं जो सड़ गल गए हैं। उनके कमरे से करीब पांच हजार रुपये के सिक्के भी मिले हैं। ग्रामीणों ने उनका हंसेश्वर घाट में विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया है। संवाद
विज्ञापन
पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासखंड के दौला गांव की निराश्रित जानकी देवी (75) का निधन हो गया है। उनके निधन के बाद जब ग्रामीणों ने घर में रखी कपड़े की पोटलियों को खोला तो उनमें एक लाख से अधिक रुपये मिले। बुजुर्ग महिला के पास से जितने भी रुपये और सोना मिला है उससे उनकी स्मृति में पार्क, धर्मशाला और हनुमान मंदिर का निर्माण किया जाएगा।
जानकी देवी विवाह के कुछ समय बाद ही मायके आ गई थीं और अपनी मां के साथ रहती थीं। कई वर्ष पूर्व मां की मौत के बाद वह अकेले रह रहीं थीं। जानकी क्षेत्र में जगह-जगह घूमती रहती थीं। लोग उन्हें रुपये, कपड़े आदि का सहयोग करते थे। ग्रामीण बताते हैं कि जानकी देवी को जो भी मदद लोग करते थे वह उसको कमरे में रख देती थीं।
विज्ञापन
दान में मिली चीजों का उन्होंने कभी प्रयोग नहीं किया। वह हमेशा पुराने कपड़ों में ही इधर-उधर जाया करती थीं। 75 वर्ष की उम्र में निधन हुआ तो लोगों ने उनके शव को बाहर निकाला। इसके बाद जब अंदर देखा तो कमरा धोती, साड़ी से भरा हुआ था। घर के अंदर कपड़े की छोटी-छोटी अलग-अलग पोटलियां भी मिलीं। ऐसी ही एक पोटली को खोला गया तो उसमें से कई सारे 10, 500 और 1000 के नोट मिले जिन्हें गिना गया तो वे एक लाख रुपये निकले। संवाद
विज्ञापन
बंद हो चुके 500 और हजार के नोट भी मिले
पिथौरागढ़। जानकी देवी के घर से ग्रामीणों को बंद हो चुके एक हजार और 500 रुपये के नोट भी मिले हैं। कई नोट ऐसे मिले हैं जो सड़ गल गए हैं। उनके कमरे से करीब पांच हजार रुपये के सिक्के भी मिले हैं। ग्रामीणों ने उनका हंसेश्वर घाट में विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया है। संवाद