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जाखपंत के लोगों ने प्रदर्शन किया
ब्यूरो, अमर उजाला पिथौरागढ़।
Updated Mon, 06 Nov 2017 10:49 PM IST
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अवैध खनन के खिलाफ प्रदर्शन करते जाखपंत के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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जाखपंत के नैनीगाड़ा में हो रहे खनन के विरोध में ग्रामीणों ने रविवार को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से बेनाप भूमि में हो रहे खनन की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शन के बाद डीएम को सौंपे ज्ञापन में गांव के लोगों ने कहा है कि वर्ष 2014 में एक व्यक्ति को खनन का पट्टा दिया गया है। खनन वाली जमीन चारों ओर से बेनाप भूमि से घिरी है। उक्त व्यक्ति ने बेनाप भूमि से खनन क्षेत्र के लिए सड़क बना दी है। मनमर्जी से खनन किया जा रहा है। इन लोगों ने खनन पट्टा जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। कहा है कि जांच रिपोर्ट बगैर स्थलीय निरीक्षण के बनाई गई है।
खनन से लोगों के खेतों, जल स्रोतों, सिंचाई योजनाओं को नुकसान पहुंच रहा है। खनन क्षेत्र पहाड़ी में है, निजी भवनों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है। पहाड़ी क्षतिग्रस्त होती है तो आवासीय मकानों को नुकसान पहुंचेगा। इन लोगों ने कहा कि गांव में हो रहे खनन के खिलाफ गांव के लोग लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कहा है कि खनन की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में ग्राम प्रधान बबीता पंत, कविता धामी, लीलाधर पंत, नवीन जोशी, प्रयाग दत्त पंत, फकीर सिंह, मथुरा दत्त, डिगर राम, किशोर पंत, जोगा राम, शिव शंकर, रघुवर दत्त, प्रताप राम, दिनेश पंत आदि के हस्ताक्षर हैं।
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प्रदर्शन के बाद डीएम को सौंपे ज्ञापन में गांव के लोगों ने कहा है कि वर्ष 2014 में एक व्यक्ति को खनन का पट्टा दिया गया है। खनन वाली जमीन चारों ओर से बेनाप भूमि से घिरी है। उक्त व्यक्ति ने बेनाप भूमि से खनन क्षेत्र के लिए सड़क बना दी है। मनमर्जी से खनन किया जा रहा है। इन लोगों ने खनन पट्टा जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। कहा है कि जांच रिपोर्ट बगैर स्थलीय निरीक्षण के बनाई गई है।
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खनन से लोगों के खेतों, जल स्रोतों, सिंचाई योजनाओं को नुकसान पहुंच रहा है। खनन क्षेत्र पहाड़ी में है, निजी भवनों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है। पहाड़ी क्षतिग्रस्त होती है तो आवासीय मकानों को नुकसान पहुंचेगा। इन लोगों ने कहा कि गांव में हो रहे खनन के खिलाफ गांव के लोग लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कहा है कि खनन की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में ग्राम प्रधान बबीता पंत, कविता धामी, लीलाधर पंत, नवीन जोशी, प्रयाग दत्त पंत, फकीर सिंह, मथुरा दत्त, डिगर राम, किशोर पंत, जोगा राम, शिव शंकर, रघुवर दत्त, प्रताप राम, दिनेश पंत आदि के हस्ताक्षर हैं।
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