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सेना के हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ पहुंचे रिलकोट चौकी में फंसे आईटीबीपी जवान
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रिलकोट से आईटीबीपी के जवानों को लेकर मुनस्यारी पहुंचा सेना का हेलीकॉप्टर। अमर उजाला
- फोटो : PITHORAGARH
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रिलकोट चेक पोस्ट में फंसे भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के आठ जवानों को 16वें दिन वायु सेना के हेलीकॉप्टर से पहले मुनस्यारी लाया गया। बाद में सभी जवानों को 14वीं बटालियन पिथौरागढ़ पहुंचाया गया। भारी बर्फबारी के कारण रास्ता बंद होने से ये जवान रिलकोट चौकी से नीचे की ओर नहीं लौट पा रहे थे।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में इस बार भारी हिमपात हुआ है। 12 एवं 13 दिसंबर को हिमपात से मार्ग बंद होने के कारण रिलकोट और बोगडियार चौकियों में तैनात जवान निचली चौकियों में शिफ्ट होने के दौरान फंस गए थे। बोगडियार चौकी के जवान स्वयं मार्ग खोलकर 36 किमी दूर मुनस्यारी लौट आए थे, जबकि रिलकोट चौकी में आठ जवानों के साथ ही सामान ढोने के लिए गए सात पोर्टर भी फंसे थे। ये सभी पोर्टर बृहस्पतिवार को जोखिम उठाकर कई फीट बर्फ पर पैदल चलकर मुनस्यारी पहुंच गए थे।
आठ जवान सामान सहित चौकी में ही हेलीकॉप्टर के इंतजार में थे। इन जवानों ने चौकी के समीप ही बर्फ को काटकर अस्थायी हेलीपैड बनाया था। सोमवार को मौसम अनुकूल होने पर सेना का हेलीकॉप्टर रिलकोट पहुंचा। वहां से पहले तीन चक्कर में हेलीकॉप्टर चौकी से जवानों और उनके सामान को लाया। बाद में सभी जवानों को मुनस्यारी से नैनीसैनी हवाई पट्टी लाया गया। 14वीं बटालियन जाजरदेवल के सेनानी अशोक कुमार ने बताया कि सभी आठ जवान यहां पहुंच गए हैं और स्वस्थ हैं।
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उच्च हिमालयी क्षेत्र में इस बार भारी हिमपात हुआ है। 12 एवं 13 दिसंबर को हिमपात से मार्ग बंद होने के कारण रिलकोट और बोगडियार चौकियों में तैनात जवान निचली चौकियों में शिफ्ट होने के दौरान फंस गए थे। बोगडियार चौकी के जवान स्वयं मार्ग खोलकर 36 किमी दूर मुनस्यारी लौट आए थे, जबकि रिलकोट चौकी में आठ जवानों के साथ ही सामान ढोने के लिए गए सात पोर्टर भी फंसे थे। ये सभी पोर्टर बृहस्पतिवार को जोखिम उठाकर कई फीट बर्फ पर पैदल चलकर मुनस्यारी पहुंच गए थे।
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आठ जवान सामान सहित चौकी में ही हेलीकॉप्टर के इंतजार में थे। इन जवानों ने चौकी के समीप ही बर्फ को काटकर अस्थायी हेलीपैड बनाया था। सोमवार को मौसम अनुकूल होने पर सेना का हेलीकॉप्टर रिलकोट पहुंचा। वहां से पहले तीन चक्कर में हेलीकॉप्टर चौकी से जवानों और उनके सामान को लाया। बाद में सभी जवानों को मुनस्यारी से नैनीसैनी हवाई पट्टी लाया गया। 14वीं बटालियन जाजरदेवल के सेनानी अशोक कुमार ने बताया कि सभी आठ जवान यहां पहुंच गए हैं और स्वस्थ हैं।
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