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यह गरारी तो किसी की जान ही ले लेगी
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 13 Nov 2015 10:21 PM IST
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सेराघाट से आलमदारमा और ढूनामानी गांव जाने के लिए लोगों को आज भी गरारी का ही सहारा लेना पड़ रहा है। गोरी में लगी इस गरारी के एक ओर का सपोर्ट सड़ गया है। यदि जल्दी ही गरारी की हालत नहीं सुधरी तो यह बड़े हादसे का कारण बन सकती है। गोरी में इस स्थान पर झूलापुल बनाने का प्रस्ताव भाजपा शासनकाल में तैयार हुआ था। लोनिवि के अस्कोट डिवीजन ने इसका इस्टीमेट भी तैयार किया लेकिन बाद में यह मामला अधर में लटक गया।
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आलमदारमा निवासी कैलाश धामी ने बताया कि गरारी की खतरनाक हालत की जानकारी लोनिवि के अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है। इसके अलावा हर क्षेत्र पंचायत की बैठक में पंचायत प्रतिनिधि इस मामले को उठाते आए हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के सामने भी यह मसला रख दिया गया है। उनको उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री खुद इसका संज्ञान लेंगे लेकिन अब तक लोगों को निराशा हाथ लगी है। उन्होंने बताया कि आलमदारमा और ढूनामानी की 500 की आबादी मदकोट और मुनस्यारी आने के लिए इसी गरारी के सहारे चलती है। बच्चों को गरारी से पार कराते समय बड़ी चिंता लगी रहती है। कई बार लोगों का सामान गरारी से गिरकर गोरी में बह चुका है। अब तक आधा दर्जन लोग गरारी से गिरकर जान गंवा चुके हैं।
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