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सोरघाटी ने देश को दिया आयरन वॉल ऑफ इंडिया

Tue, 30 Aug 2016 10:25 PM IST
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Tue, 30 Aug 2016 10:25 PM IST
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Iron Wall of India, the country has Sorgati
वर्ष 1962 की एशिया कप विजेता भारतीय फुटबाल टीम देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के साथ - फोटो : अमर उजाला

फुटबाल में अग्रणी स्थान रखने वाले सोरघाटी (पिथौरागढ़) ने देश को अव्वल दर्जे के फुटबालर दिए हैं। वर्ष 1962 में एशिया चैंपियन भारतीय फुटबाल टीम के सदस्य रहे सोरघाटी के स्वर्गीय त्रिलोक सिंह बसेड़ा का फुटबाल के खेल में इतना जबरदस्त होल्ड था कि उन्हें आयरन वॉल ऑफ इंडिया (लोहे की दीवार) के नाम से फुटबाल की दुनिया में जाना जाता था। उस समय की एशियन चैंपियन भारतीय टीम के भारत के पहले प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू भी कायल थे। जिले के तमाम फुटबालर राष्ट्रीय स्तर नामी क्लबों से खेल चुके हैं। 

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18 अक्तूबर 1934 को देवलथल के एक छोटे से गांव भंडारीगांव में किसान लक्ष्मण सिंह बसेड़ा और कौशल्या बसेड़ा के घर में जन्मे त्रिलोक बसेड़ा को बचपन से ही फुटबाल खेलने का शौक था। 16 वर्ष की उम्र में वर्ष 1950 में बसेड़ा सेना के ईएमई (इलेक्ट्रॉनिकल एंड मेकेनिकल इंजीनियर्स) कोर में भर्ती हो गए। कुछ समय बाद ही उनका चयन ईएमई की फुटबाल टीम में हो गया और देखते ही देखते उन्होंने फुटबाल में महारत हासिल कर ली। उन्हें भारतीय टीम में शामिल कर लिया गया। बसेड़ा वर्ष 1962 में जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का प्रमुख हिस्सा थे। बसेड़ा ने चार एशियन प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1958 में ऑल इंडिया हीरोज टूर्नामेंट, उसी साल संतोष ट्राफी की विजेता टीम के बसेड़ा प्रमुख खिलाड़ी थे। 29 जनवरी 1979 को सेना में कार्यरत रहते हुए लंबी बीमारी के बाद सिकंदराबाद में 45 साल की उम्र में बसेड़ा का निधन हो गया। 
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इतनी बड़ी उपलब्धियों के बाद भी आयरन वॉल के नाम से विख्यात बसेड़ा को कोई नेशनल पुरस्कार न मिल सका। लंबी लड़ाई के बाद वर्ष 2009 में राज्य सरकार ने पिथौरागढ़ शहर के भाटकोट में स्वर्गीय बसेड़ा की धर्मपत्नी राधिका बसेड़ा को एक नाली जमीन दी। दो साल पहले प्रदेश सरकार ने मरणोपरांत खेल रत्न पुरस्कार से बसेड़ा को नवाजा।
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बात जिले के अन्य फुटबालरों की करें तो सोरघाटी के संजय रावल देश की प्रतिष्ठित फुटबाल टीम महेंद्रा एंड महेंद्रा से खेल चुके हैं। मनोज पुनेठा पंजाब की टीम से खेल चुके हैं। आनंद मल मुंबई के कई क्लबों से खेले। राजेंद्र बिष्ट, विनोद वल्दिया, हेम पुनेठा, अनिल पुनेठा, भुवन पंत, शेखर कपूर, संजय मल, भूपेंद्र चौहान, आनंद रावत समेत सोरघाटी के 55 खिलाड़ी नेशनल स्तर पर फुटबाल खेल चुके हैं।           


लड़कियों ने भी मनवाया लोहा
सोरघाटी में अव्वल दर्जे की महिला फुटबालर हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भड़कटिया निवासी फुटबालर निर्मला कुमारी ने न केवल नेशनल फुटबाल प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया, बल्कि वर्ष 2012 में उनका चयन इंडिया कैंप के लिए हुआ। उन्होंने तिरुवनंतपुरम में लगे इंडिया कैंप में फुटबाल का प्रशिक्षण हासिल किया था। सोनी मेहता, निशा नेगी, दीक्षा उपाध्याय, बीना कुमारी, नीलम धामी, सीमा सिंह, नीतू यादव, सुमन धामी, सोनम थापा, हेमा जोशी, निशा बिष्ट, नेहा मेहता, पुष्पा बिष्ट ने स्कूली नेशनल प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया है। स्कूली खिलाड़ियों को नेशनल स्तर की प्रतियोगिता तक पहुंचाने में सफल रहे फुटबाल कोच भुवन प्रकाश उप्रेती बताते हैं जिले की 36 लड़कियाें ने नेशनल स्तर पर फुटबाल खेला है।

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