India Nepal Border News: अंतरराष्ट्रीय झूलापुल बंद होने से नेपाल में बढ़ी महंगाई
- प्याज 88, टमाटर 62 और सेब 180 रुपये प्रति किलो बिक रहा है
- भारत और नेपाल के व्यापारी चाहते हैं जल्द खुले झूलापुल, शुरू हो कारोबार
- 200 किलोमीटर दूर से सामान आने से नेपाल में जरूरी वस्तुओं के बढ़े दाम
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कोरोना के कारण भारत-नेपाल को जोड़ने वाले झूलापुल बंद होने से भारत से सामान नेपाल के बाजार तक नहीं जा पा रहा है। इसके चलते नेपाल के बैतड़ी जिले में महंगाई बढ़ गई है। आलम यह है कि प्याज 88, टमाटर 62 और सेब 180 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
ऐसे में नेपाल के स्थानीय कारोबारी और नागरिक जल्द से जल्द झूलापुल खोलने की मांग कर रहे हैं ताकि महंगाई से राहत मिले। इधर, भारतीय व्यापारी भी झूलापुल खोलने की मांग कर रहे हैं ताकि ठप पड़ा कारोबार शुरू हो सके।
भारत के झूलाघाट और नेपाल के जुलाघाट कस्बे के बाजार एक-दूसरे देशों के ग्राहकों पर निर्भर हैं। कोरोना महामारी के कारण मार्च से बाजारों में सन्नाटा पसरा है। पुल बंद होने से नेपाल का व्यापारी सामान खरीदने के लिए भारतीय बाजार झूलाघाट नहीं आ पा रहा है।
यहां के लोगों को हर जरूरी सामान गोठलापानी बाजार से खरीदना पड़ रहा है। कपड़ा व्यापारी हरीश चंद ने बताया सभी सामान धनगड़ी से आने के कारण महंगा पड़ रहा है। जिला प्रशासन कार्यालय में आए भारतीय पेंशनर पुल बंद होने के कारण सबसे ज्यादा परेशान हैं।
भूतपूर्व सैनिकों को मिलने वाली सभी सेवाएं पिछले नौ माह से नहीं मिल पा रही हैं। गोठलापानी और गड़ी में रहने वाले नेपाली नागरिक लंबे समय से भारत में रिश्तेदारी में नहीं जा पा रहे हैं। भारतीय लोगों से किसी नेपाली व्यक्ति को कोई कड़वाहट नही हैं। लोग दोनों देशों की सरकारों से कड़वाहट भूलकर पहले की तरह जल्द मित्रता के रिश्ते चाहते हैं।
मेरा ननिहाल मूनाकोट के बर्तियाकोट और मौसी का घर पिथौरागढ़ के पांडेगांव में है। सीमा बंद होने के कारण मौसी की बेटी की शादी में नहीं जा पाया था। जल्द सीमा पुल खुले तो वे अपने रिश्तेदारों से मिल सकें।
- हरीश चंद, बैतड़ी।
नौ माह से अधिक का समय बीत चुका है। भारत में रह रहे परिवार पर कई दुख सुख के पल आए लेकिन जा नहीं पाए। जल्द सीमा पुल खुले और वे कुछ दिनों के लिए अपने घर जा सके ऐसी उनकी इच्छा है।
- सुभाष जोशी, बैतड़ी में रह रहे भारतीय