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उद्योग स्थापित करने में मदद करेगा जिला प्रशासन
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पिथौरागढ़ में एक्सपोर्टर कॉन्कलेव के दौरान मौजूद डीएम और उद्यमी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत एक्पोर्टर कॉन्क्लेव के माध्यम से निर्यातकों के उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल की गई है। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जिले में उद्योगों को स्थापित करने के लिए हरसंभव मदद की जाएगी।
उद्योगों की स्थापना के साथ ही स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जाना जरूरी है। इसके लिए स्थानीय उत्पादों एवं उनकी संभावनाओं को तराशते हुए कार्य करने की जरूरत है। कहा कि जिले में सभी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन हर हर संभव मदद करेगा।
रविवार को विकासभवन सभागार में उद्योग विभाग की ओर से जिला स्तरीय निर्यातकों एवं भावी निर्यातकों के निर्यात उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक दिवसीय एक्सपोर्टर कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा जिले में कृषि, औद्यानिकी, पशुपालन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। कनार का घी, डीडीहाट का खैंचुवा, ओगला की नमकीन, साड़ी पर स्थानीय ऐपण को आगे बढ़ाने का कार्य किया जाए।
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इस दौरान उद्यमियों ने कई सुझाव दिए। संचालन विप्लव भट्ट ने किया। वहां पर्वतीय चाय उत्पादन समिति बेड़ीनाग विनोद कार्की, आभार इंटरनेशनल से मनोहर सिंह मनोला, मां कामाख्या इंडस्ट्री से सतीश भट्ट, भाव राग ताल नाट्य अकादमी से रोहित यादव मौजूद रहे।
कम ब्याज दर में ले योजनाओं का लाभ
पिथौरागढ़। सहायक प्रबंधक उद्योग केंद्र श्रीकांत ने संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने औद्योगिक विकास स्कीम 2017, पूंजी उपादान योजना, केंद्रीय बीमा योजना, उत्तराखंड सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम नीति 2015, राज्य पूंजी उपादान योजना के बारे में बताया।
महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन
पिथौरागढ़। महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन सहायता योजना संचालित है। पूंजी उपादान, प्लांट मशीनरी के निवेश पर 25 प्रतिशत अधिकतम 25 लाख रुपये, ब्याज उपादान छह प्रतिशत अधिकतम पांच लाख रुपये उत्पादन प्रारंभ करने से पांच वर्षों तक है।
स्थानीय उत्पादों के निर्यात के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी
चंपावत। आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर मनाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव के तहत वाणिज्य सप्ताह मनाया जा रहा है। इसके तहत जिला मुख्यालय में एक दिनी एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव आयोजित किया गया।
जिला सभागार में डीएम विनीत तोमर की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मिलने वाले लाभ बता योजना की जानकारी दी गई। डीएम ने उद्यमियों को स्थानीय उत्पादों के निर्यात के लिए प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है। जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक दीपक मुरारी ने बताया कि लघु उद्योग मंत्रालय (एमएसएमई) की ओर से आयोजित एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव का उद्देश्य उद्यमियों को अपने स्थानीय उत्पादों को निर्यात करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
महिला उद्यमी प्रतिभा कृष्णा ने बताया कि वह खेतीखान में हिमालयन ब्लूम एनजीओ चलाती हैं। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उन्हें उन्हें सरकारी मदद की जरूरत है, जिस पर डीआईसी के महाप्रबंधक ने उन्हें सरकार की तरफ से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में भारत सरकार में निवेश से सहायक निदेशक आशीष शर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, आरपी टम्टा, कमलेंद्र यादव, हस्तशिल्पी सुमित भट्ट, उद्यमी प्रदीप शर्मा, त्रिलोक सिंह मेहरा, विनय अग्रवाल आदि ने अपने उद्यम लगाने के अनुभव बताए।
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उद्योगों की स्थापना के साथ ही स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जाना जरूरी है। इसके लिए स्थानीय उत्पादों एवं उनकी संभावनाओं को तराशते हुए कार्य करने की जरूरत है। कहा कि जिले में सभी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन हर हर संभव मदद करेगा।
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रविवार को विकासभवन सभागार में उद्योग विभाग की ओर से जिला स्तरीय निर्यातकों एवं भावी निर्यातकों के निर्यात उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक दिवसीय एक्सपोर्टर कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा जिले में कृषि, औद्यानिकी, पशुपालन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। कनार का घी, डीडीहाट का खैंचुवा, ओगला की नमकीन, साड़ी पर स्थानीय ऐपण को आगे बढ़ाने का कार्य किया जाए।
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इस दौरान उद्यमियों ने कई सुझाव दिए। संचालन विप्लव भट्ट ने किया। वहां पर्वतीय चाय उत्पादन समिति बेड़ीनाग विनोद कार्की, आभार इंटरनेशनल से मनोहर सिंह मनोला, मां कामाख्या इंडस्ट्री से सतीश भट्ट, भाव राग ताल नाट्य अकादमी से रोहित यादव मौजूद रहे।
कम ब्याज दर में ले योजनाओं का लाभ
पिथौरागढ़। सहायक प्रबंधक उद्योग केंद्र श्रीकांत ने संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने औद्योगिक विकास स्कीम 2017, पूंजी उपादान योजना, केंद्रीय बीमा योजना, उत्तराखंड सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम नीति 2015, राज्य पूंजी उपादान योजना के बारे में बताया।
महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन
पिथौरागढ़। महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन सहायता योजना संचालित है। पूंजी उपादान, प्लांट मशीनरी के निवेश पर 25 प्रतिशत अधिकतम 25 लाख रुपये, ब्याज उपादान छह प्रतिशत अधिकतम पांच लाख रुपये उत्पादन प्रारंभ करने से पांच वर्षों तक है।
स्थानीय उत्पादों के निर्यात के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी
चंपावत। आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर मनाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव के तहत वाणिज्य सप्ताह मनाया जा रहा है। इसके तहत जिला मुख्यालय में एक दिनी एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव आयोजित किया गया।
जिला सभागार में डीएम विनीत तोमर की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मिलने वाले लाभ बता योजना की जानकारी दी गई। डीएम ने उद्यमियों को स्थानीय उत्पादों के निर्यात के लिए प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है। जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक दीपक मुरारी ने बताया कि लघु उद्योग मंत्रालय (एमएसएमई) की ओर से आयोजित एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव का उद्देश्य उद्यमियों को अपने स्थानीय उत्पादों को निर्यात करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
महिला उद्यमी प्रतिभा कृष्णा ने बताया कि वह खेतीखान में हिमालयन ब्लूम एनजीओ चलाती हैं। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उन्हें उन्हें सरकारी मदद की जरूरत है, जिस पर डीआईसी के महाप्रबंधक ने उन्हें सरकार की तरफ से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में भारत सरकार में निवेश से सहायक निदेशक आशीष शर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, आरपी टम्टा, कमलेंद्र यादव, हस्तशिल्पी सुमित भट्ट, उद्यमी प्रदीप शर्मा, त्रिलोक सिंह मेहरा, विनय अग्रवाल आदि ने अपने उद्यम लगाने के अनुभव बताए।