Lockdown 4.0: धारचूला में फंसे नेपाली नागरिकों के लिए भारत ने खोला अंतरराष्ट्रीय झूला पुल, सैकड़ों लोगों ने की वतन वापसी
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नेपाल ने जहां भारतीय इलाके को अपने नक्शे में शामिल करने का दुस्साहस कर आपसी रिश्तों में खटास डालने की कोशिश की है, वहीं दूसरी ओर भारत ने लॉक डाउन के कारण झूला पुल बंद होने से अपने वतन नहीं जा पा रहे नेपाली परिवारों के लिए भारत ने झूलापुल के गेट खोल दिए। नेपाल के दार्चुला से लगभग 200 लोग अपने जानवरों के साथ धारचूला आए। रं समुदाय के यह सभी नेपाली परिवार धारचूला-तवाघाट-मालपा-गर्ब्यांग होते हुए सीतापुल से अपने नेपाल स्थित गांव छांगरू और तिंकर जाएंगे।
नेपाल में माइग्रेशन पर उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित गांवों तक आवागमन के लिए पैदल रास्ता तक नहीं है। यह परिवार पहले से भारतीय क्षेत्र से होकर आवाजाही करते हैं। इस साल कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन में झूला पुल के गेट बंद होने से यह परिवार माइग्रेशन पर नहीं जा पा रहे थे। पिछले दिनों नेपाल में फंसे इन परिवारों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था।
इसके बाद नेपाल प्रशासन ने भारत से झूलापुल खोलने का अनुरोध पत्र दिया था। जिलास्तर से इस अनुरोध पत्र को विदेेश मंत्रालय को भेजा गया था। उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद बृहस्पतिवार को झूलापुल खोला गया। इसके बाद वहां से लोगों ने अपने मवेशियों के साथ भारत में प्रवेश किया।
नेपाल से आने वाले लोगों को किया जाएगा होम क्वारंटीन
झूलापुल खुलने पर लॉकडाउन के कारण नेपाल में फंसे 30 भारतीय परिवार भी वापस लौटे। इसके अलावा लॉकडाउन के कारण धारचूला में फंसे 150 से अधिक नेपाली मजदूर भी दार्चुला गए। झूलापुल खुलने के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों की आपस में बातचीत भी हुई।
इस अवसर पर धारचूला के विधायक हरीश धामी, उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला, एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट बीएन पांडेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी विमल कुमार आचार्य, कोतवाल विजेंद्र साह, अशोक सिंह नबियाल, कृष्णा गर्ब्याल सहित नेपाल के अधिकारी भी मौजूद थे।
झूलापुल खुलने के बाद नेपाल से भारत लौटे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य की पुल पर डा.किशोर सिर्खाल, डा.पूरन थलाल, स्टाफ नर्स पुष्पा, बबीता खैर की टीम ने जांच और स्केनिंग की। इसके बाद नाभि गांव की प्रधान सनम नबियाल, गुंजी के सुरेश गुंज्याल, नपल्चयू के प्रधान नरेंद्र सिंह ने सभी का नाम-पता दर्ज किया। कोरोना की आशंका को देखते हुए इन सभी को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया जाएगा।