रास्ते को लेकर सेना और ग्रामीणों में टकराव
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सेना की ओर से ग्राम पंचायत कुसौली और उससे लगे 20 गांवों को जाने वाला मुख्य रास्ता मंगलवार की सुबह नौ बजे फिर से बंद कर दिया गया। रास्ता बंद होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने पिथौरागढ़-झूलाघाट रोड पर तीन घंटे तक जाम लगा दिया। रास्ता बंद होने से करीब आठ हजार की आबादी प्रभावित हुई है। इससे पहले 12 अप्रैल को भी इसी मुद्दे को लेकर लोगों ने चक्काजाम किया था। तब प्रशासन ने तय किया था कि 18 अप्रैल को ग्रामीणों और सेना के अधिकारियों के बीच वार्ता के बाद इसका समाधान निकाल लिया जाएगा, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण यह बैठक नहीं हो पाई।
सेना ने कुसौली जाने वाले मुख्य रास्ते पर पहले ही गेट का निर्माण कर दिया है। मंगलवार सुबह गेट को सेना के जवानों ने बंद कर दिया जबकि 12 अप्रैल को हुए मौखिक समझौते में सेना के अधिकारियों ने कहा था कि गेट से लोगों की आवाजाही बंद नहीं की जाएगी। बताया गया है कि सेना के स्टेशन हेडक्वार्टर ने जिलाधिकारी को इस संबंध में पत्र भी दिया है। गेट बंद होने की सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विरेंद्र बोहरा के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में लोग सड़क पर उतर गए।
ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर राकेश मनोचा ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए। बाद में तहसीलदार हरी राम और कोतवाल ध्यान सिंह ने मौके पर पहुंचकर कहा कि इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए अपर जिलाधिकारी मोहम्मद नासिर की अध्यक्षता में तत्काल बैठक होगी। इस बैठक में ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया जाएगा। फिलहाल सेना के अधिकारी रास्ता बंद न करने पर राजी हो गए हैं। इस आश्वासन पर लोगों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष रघुवीर सिंह ने कहा है कि रास्ता बंद करने का विरोध लगातार जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से इस संवेदनशील मुद्दे पर तत्काल पहल करने की मांग की है। प्रदर्शन में राजेश शर्मा, लक्ष्मी देवी, भुवन जोशी, योगी भट्ट, मीना देवी, शंकर सिंह समेत भारी संख्या में लोग मौजूद थे।