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छह माह में ही टूटी अंतरराष्ट्रीय झूलापुल की दीवार

Sat, 21 May 2016 10:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला Updated Sat, 21 May 2016 10:58 PM IST
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In six months the international bridge broken wall
झूलापुल - फोटो : अमर उजाला

भारत-नेपाल को जोड़ने के लिए 14 नवंबर 2015 को बनकर तैयार हुए अंतरराष्ट्रीय झूलापुल के भारत के तरफ की सपोर्ट दीवार शनिवार सुबह करीब छह बजे बिना बारिश के ही टूट गई। दीवार टूटने से पुल के पास बने डा. राम सिंह और त्रिलोक राम के मकान को गंभीर खतरा हो गया है। पुल की दीवार टूटते ही एसएसबी ने आवाजाही बंद करवा दी। नेपाल के लोगों को भी सूचित कर दिया है कि जब तक दीवार की मरम्मत नहीं होती, आवागमन न करें।

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घटना की जानकारी मिलते ही धारचूला के एसडीएम एसके पांडे, तहसीलदार इंद्रबहादुर मल्ल, नेपाल लोनिवि के अधिशासी अभियंता संजीव प्रसाद साहा, एसएसबी के निरीक्षक जसपाल, थाना प्रभारी सुनील बिष्ट ने मौका मुआयना किया। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल भी पुल के निरीक्षण के लिए पिथौरागढ़ से जौलजीबी को रवाना हो गए हैं।
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जौलजीबी का झूलापुल जून 2013 की आपदा के समय बह गया था। बाद में नेपाल सरकार ने करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से इस स्थान पर 154 मीटर लंबा और नदी के तल से 65 मीटर ऊंचे पुल का निर्माण किया था। नए पुल से आवागमन 14 नवंबर 2015 को जौलजीबी मेले के दिन मुख्यमंत्री हरीश रावत की उपस्थिति में शुरू हुआ था।
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भारतीय क्षेत्र के लोगों ने पुल निर्माण में बरती जा रही खामियों को लेकर कई बार आवाज भी उठाई थी। समाजसेवी लीला बनग्याल के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन भी हुआ। लोगों को पुल को लेकर जैसी आशंका थी वही हुआ। इधर, नेपाल लोनिवि के ईई ने बताया कि पुल की टूटी दीवार को फिर से बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। फिलहाल सावधानी के तौर पर आवागमन बंद कर दिया गया है। 

इसी पुल से आते थे नेपाल के स्कूली बच्चे
नेपाल के पस्ती, गोकुलेश्वर, उकू, बांकू, लाली, सिराड़ गांवों के स्कूली बच्चे इसी झूलापुल को पार कर जीआईसी जौलजीबी पढ़ने आते थे। इन गांवों के लोग खरीदारी के लिए भी जौलजीबी ही आया करते हैं। पुल बंद होने से इन लोगों को अब दस किलोमीटर दूर बलुवाकोट आना पड़ेगा। वहां पर झूलापुल बना है। आपदा के बाद पुल बहने और नया पुल बनने तक भी लोगों को इसी तरह की मुसीबत का सामना करना पड़ा था।


डीएम ने नेपाल के अफसरों से बात की
डीएम एचसी सेमवाल ने नेपाल के अधिकारियों से बात की और तत्काल पुल की टूटी दीवार का निर्माण करने तथा आवागमन शुरू करने को कहा है। उन्होंने नेपाल के दार्चुला के डीएम को सारी स्थिति की जानकारी दी है।

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