{"_id":"5ebfaa6b8ebc3e90743f3537","slug":"in-pithoragarh-jobless-are-increasing-year-after-year168","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिथौरागढ़़ में साल दर साल बढ़ रहे बेरोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिथौरागढ़़ में साल दर साल बढ़ रहे बेरोजगार
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संवाद न्यूज एजेंसी पिथौरागढ़। सीमांत जनपद में हर साल बेरोजगारों की फौज बढ़ती जा रही है। बावजूद इसके सरकारें इन बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने में नाकाम साबित हुई हैं। पिछले पांच सालों में सेवायोजन कार्यालय में दो लाख 97 हजार 899 बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया। इसके सापेक्ष सिर्फ 1491 लोगों को ही रोजगार मिल पाया। इस आंकड़े को देखकर साफ लग रहा है कि उत्तराखंड में शासन करने वाली सरकारें युवाओं को रोजगार देने के प्रति कितनी गंभीर हैं। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में आर्मी के अलावा रोजगार का कोई दूसरा साधन उपलब्ध नहीं है। यही कारण है कि इन जनपदों से रोजगार को लेकर प्रतिवर्ष पलायन हो रहा है। इसके बाद भी सरकारें पहाड़ के युवाओं को पहाड़ में ही रोजगार दिलाने के लिए कुछ भी नहीं कर पाई। इसका ही कारण है कि उत्तराखंड में साल दर साल बेरोजगारी का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। पिथौरागढ़ जनपद में वर्ष 2016 में 10826 युवा और युवतियों ने सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराया। इसके सापेक्ष सरकार एक को भी रोजगार नहीं दिला सकी।
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वर्ष 2017 में 10387 ने पंजीकरण कराया जिसके सापेक्ष 271को ही रोजगार मिल पाया। वर्ष 2018 में पंजीकृत 11367 के सापेक्ष 843 को ही रोजगार मिल पाया। वर्ष 2019 में 7135 ने पंजीकरण कराया जिसमें 143 को ही रोजगार मिल पाया। वर्ष 2020 में अब तक 2073 युवा पंजीकरण करा चुके हैं जिसके सापेक्ष 243 बेरोजगार युवा और युवतियों को ही रोजगार मिल पाया।
---:: 2016 में 73 हजार लोग थे बेरोजगार अब तीन लाख के करीब पहुंचा आंकड़ा ::: पिथौरागढ़। सीमांत जनपद में बेरोजगारी का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2016 में 73000 बेरोजगार युवा पंजीकृत थे, जो वर्ष 2017 में घटकर 70661 पहुंच गया। वर्ष 2018 में 54025 और वर्ष 2019 में 49710 पहुंच गया। वर्ष 2020 में ये आंकड़ा बढ़कर 50503 हो गया है। अभी सीमांत जिले में 2लाख 97 हजार 899 युवा बेरोजगार हैं।
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-----::: - रोजगार मेले हुए हवाई साबित :: पिथौरागढ़। इन पांच सालों में सरकारों ने बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए बड़ी कंपनियां बुलाकर रोजगार मेले लगाए लेकिन ये मेले हवाई साबित हुए। कम सैलरी के चलते बेरोजगार मेले में चयनित हुए युवा उन कंपनियों को छोड़कर वापस आ गए। युवाओं का कहना है कि महानगरों में आठ से 10 हजार में कमरा मिलता है। 6 हजार रुपये में नौकरी करना आसान नहीं है।
------पिथौरागढ़ में वर्षवार पंजीकृत बेरोजगारों का आंकड़ा वर्ष - नए पंजीकरण- कुल पंजीकरण -रोजगार 2016- 10826 -73000 - 0 2017 -10387 -70611 - 271 2018 -11367- 54025- 843 2019 - 7135- 49710 - 143 2020- 2073 -50503 - 234 -.
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