कई मोहल्लों में जाने के रास्ते तक नहीं
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पिथौरागढ़ नगर के अंदरूनी हिस्से की हालत बड़ी खराब है। बाहर से खुली सड़कों और आलीशान भवनों से सुसज्जित इस नगर की एक तस्वीर दूसरी भी है। नगर के कई मोहल्ले ऐसे हैं जहां पहुंचने के रास्ते तक नहीं हैं। लोगों ने मकानों का ढांचा इस तरह खड़ा किया है कि वहां पर भारी सामान, सोफासेट, फर्नीचर, पलंग जैसा सामान खोलकर ले जाना पड़ता है। सिनेमा लाइन, जगदंबा कालोनी, टकाना कालोनी, सरस्वती विहार, खड़कोट मोहल्लों में यह समस्या विकट रूप ले चुकी है। इतने अव्यवस्थित तरीके से भवनों के बनने के पीछे मुख्य कारण यही है कि मास्टर प्लान के हिसाब से मकान नहीं बने। मोहल्लों में जाने वाले रास्तों की चौड़ाई का किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब जब लोग परेशानी घिरे हैं तो उससे निपटने का कोई रास्ता भी नहीं है।
इन मोहल्लों में रास्ते को लेकर, घरों के पानी को निकास को लेकर और गंदगी के निस्तारण को लेकर रोज विवाद होते रहते हैं। कोई भी व्यक्ति अपनी एक इंच जमीन को सार्वजनिक हित में छोड़ने को तैयार नहीं है। पिथौरागढ़ को स्मार्ट सिटी का दर्जा देने का प्रस्ताव तैयार हुआ है लेकिन इतनी विकट समस्या के बीच स्मार्ट सिटी के मानक और मापदंड कैसे पूरे होंगे कहा नहीं जा सकता।