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गैस लीक होने पर अलर्ट कर देगा हाइड्रोजन सेंसर, लोहाघाट के दीपक ने अपनी टीम के साथ 15 रुपये की लागत से बनाया सेंसर
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दीपक पुनेठा।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। आईआईटी पटना के रिसर्च स्कॉलर लोहाघाट निवासी दीपक पुनेठा की टीम ने कम लागत वाले और पहनने योग्य हाइड्रोजन सेंसर का निर्माण किया है। यह सेंसर गैस लीक होने पर अलर्ट कर देगा। उनका यह शोधपत्र नेचर जनरल पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
दीपक पुनेठा मूल रूप से लोहाघाट के फोर्ती गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता प्रकाश चंद्र पुनेठा पिथौरागढ़ कोतवाली में उप निरीक्षक थे। अब सेवानिवृत्त होकर फोर्ती गांव में रहते हैं। दीपक ने मिशन इंटर कालेज से इंटर के बाद देहरादून डीआईटी से बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कालेज चंडीगढ़ से एमटेक किया। सेंसर बनाने में उनके साथ स्कॉलर मनोरंजन और सौरभ कुमार पांडेय भी थे।
दीपक के ससुर शिक्षा विभाग में प्रवक्ता देवेंद सिंह मेहता ने बताया सेंसर लीकेज के स्थान को आसानी से ढूंढकर बता देगा। उन्होंने दीपक के हवाले से बताया कि हाइड्रोजन गैस कहीं लीक होती है तो पता नहीं चल पाता है, क्योंकि यह रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन होती है। पहली बार एक नई तरह की और कम लागत की नैनो कॉम्पोसाइट मोटी फिल्म गैस सेंसर का पता लगाया गया है। इसकी लागत 15 रुपये आई है। दीपक की टीम के इस सेंसर की खोज की वैज्ञानिक काफी प्रशंसा कर रहे हैं। इससे पहले दीपक का शोध पत्र अमोनिया और कार्बन मोनोऑक्साइड पर इंटरनेशनल जनरल में प्रकाशित हुआ है।
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दीपक पुनेठा मूल रूप से लोहाघाट के फोर्ती गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता प्रकाश चंद्र पुनेठा पिथौरागढ़ कोतवाली में उप निरीक्षक थे। अब सेवानिवृत्त होकर फोर्ती गांव में रहते हैं। दीपक ने मिशन इंटर कालेज से इंटर के बाद देहरादून डीआईटी से बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कालेज चंडीगढ़ से एमटेक किया। सेंसर बनाने में उनके साथ स्कॉलर मनोरंजन और सौरभ कुमार पांडेय भी थे।
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दीपक के ससुर शिक्षा विभाग में प्रवक्ता देवेंद सिंह मेहता ने बताया सेंसर लीकेज के स्थान को आसानी से ढूंढकर बता देगा। उन्होंने दीपक के हवाले से बताया कि हाइड्रोजन गैस कहीं लीक होती है तो पता नहीं चल पाता है, क्योंकि यह रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन होती है। पहली बार एक नई तरह की और कम लागत की नैनो कॉम्पोसाइट मोटी फिल्म गैस सेंसर का पता लगाया गया है। इसकी लागत 15 रुपये आई है। दीपक की टीम के इस सेंसर की खोज की वैज्ञानिक काफी प्रशंसा कर रहे हैं। इससे पहले दीपक का शोध पत्र अमोनिया और कार्बन मोनोऑक्साइड पर इंटरनेशनल जनरल में प्रकाशित हुआ है।
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