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Pithoragarh News: भारी बारिश से हुड्डी नदी उफनाई, टापू में महिला समेत तीन फंसे
Sun, 06 Sep 2026 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 06 Sep 2026 11:00 PM IST
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टनकपुर(चंपावत)। छीनीगोठ में हुड्डी नदी के उफान पर आने से जंगल में चारा-पत्ती लेने गए एक महिला समेत तीन ग्रामीण टापू पर फंस गए। लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया जिससे दिन में आसानी से पार की जाने वाली नदी शाम तक विकराल रूप ले चुकी थी। इसके कारण ग्रामीण पार्वती तिवारी (36), मुकेश जोशी (50) और दीपक तिवारी (40 वर्ष) वहीं फंस गए। तीनों छीनीगोठ के निवासी हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन केंद्र में हलचल मच गई। छीनीगोठ के ग्राम प्रधान इंद्रदेव विश्वकर्मा ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझते हुए आपदा नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दी। इस पर एसडीआरएफ की टीम उप निरीक्षक दीपक चंद्र जोशी के नेतृत्व में तुरंत मौके के लिए रवाना हुई।
रात के अंधेरे और खराब मौसम के बावजूद टीम ने सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।
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ग्रामीणों और परिजनों ने एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई और उनकी जान बचाने के इस साहसिक कार्य की जमकर सराहना की है। इस घटना के बाद प्रशासन ने एक बार फिर चेतावनी जारी करते हुए क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे मानसून के दौरान उफान पर चल रहे नदी-नालों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।
एसआई जोशी ने बताया कि नदी पूरे उफान पर था, रात में बोट से रोशनी में अभियान चलाया गया। इधर, एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को बारिश में नदी किनारे सतर्कता बरतने के लिए निरंतर जागरूक किया जा रहा है।
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घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन केंद्र में हलचल मच गई। छीनीगोठ के ग्राम प्रधान इंद्रदेव विश्वकर्मा ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझते हुए आपदा नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दी। इस पर एसडीआरएफ की टीम उप निरीक्षक दीपक चंद्र जोशी के नेतृत्व में तुरंत मौके के लिए रवाना हुई।
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रात के अंधेरे और खराब मौसम के बावजूद टीम ने सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।
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ग्रामीणों और परिजनों ने एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई और उनकी जान बचाने के इस साहसिक कार्य की जमकर सराहना की है। इस घटना के बाद प्रशासन ने एक बार फिर चेतावनी जारी करते हुए क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे मानसून के दौरान उफान पर चल रहे नदी-नालों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।
एसआई जोशी ने बताया कि नदी पूरे उफान पर था, रात में बोट से रोशनी में अभियान चलाया गया। इधर, एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को बारिश में नदी किनारे सतर्कता बरतने के लिए निरंतर जागरूक किया जा रहा है।