ऐसे कैसे संभव होगा पर्यटन विकास
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मुनस्यारी के प्रवेश द्वार गोचर में कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवासगृह की हालत बेहद खराब है। मुनस्यारी जाने वाले कई पर्यटक इस आवासगृह में रुकना तो चाहते हैं, लेकिन कमरों की हालत देख वह होटलों का रुख कर लेते हैं। वर्ष 2007 में 20 बिस्तरों वाले इस पर्यटक आवासगृह का निर्माण हुआ था। इसके निर्माण के पीछे यही उद्देश्य था कि मुनस्यारी और डीडीहाट को जाने वाले पर्यटक यहां रुकेंगे और थल तथा आसपास के इलाकों में घूमने आने वाले पर्यटकों को आवासीय सुविधा मिल जाएगी, लेकिन निर्माण के दस वर्ष के भीतर ही इस आवासगृह की दुर्दशा शुरू हो गई है।
इस पर्यटक आवासगृह का हर कमरा सीलन से भरा है। दीवारों पर लगाया गया सीमेंट खुद ही गिरने लगा है। फर्श पर बिछाए गए टायल्स टूटने लगे हैं। बाहर से आलीशान दिखने वाले इस आवासगृह का कोई भी कमरा रहने लायक नहीं है। केएमवीएन के अधिकारी अब तक किसी कमरे में टेलीविजन तक नहीं लगा पाए। पर्यटक आवासगृह के पूर्व प्रबंधक बचीराम आर्य ने बताया कि आवासगृह की दुर्दशा की जानकारी कई बार उच्चाधिकारियों को दी गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
वर्तमान प्रबंधक सूरज बनकोटी ने कहा कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आवासगृह में सुविधाओं का विस्तार करना होगा। बताया गया कि यह आवासगृह लगातार घाटे में चल रहा है। आवासगृह वहां तैनात स्टाफ के लिए भी खर्चा निकाल पाने की स्थिति में नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम की लापरवाही के कारण इस भवन की दुर्दशा हुई है।
निजी हाथों में सौंपने की तैयारी
कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया का कहना है कि गोचर के पर्यटक आवासगृह की मरम्मत जल्दी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था तैयार होगी तो यह आवासगृह निजी हाथों में सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोचर का आवासगृह घाटे में है और इसमें पर्यटकों की संख्या नगण्य है।