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सीमांत जिले में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Oct 2021 12:18 AM IST
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Heavy rains disrupted life in the frontier district
छिरकिला डैम के पास भारी बारिश से ध्वस्त सड़क। - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जन जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण मलबा आने से जिलेभर में 10 सड़कें बंद हो गई हैं। पिथौरागढ़ नगरीय क्षेत्रों में नालियों के बंद होने से पानी सड़कों पर बह रहा है। भारी बारिश के कारण टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच कई स्थानों पर बंद चल रहा है।
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भारी बारिश के कारण घाट- पिथौरागढ़ एनएच मीना बाजार के पास सड़क बंद हो गई। घाट-पनार-बौतड़ी सड़क बौतड़ी के पास, नाचनी-भैंसकोट, छिरकिला-जम्कू, सेल सल्ला, राउतगड़ा, डीडीहाट-देवीसूना, झूलाघाट-माल्ला बड़ालू, जौलजीबी-मुनस्यारी, तवाघाट-घट्टाबगड़ सहित कई अन्य ग्रामीण सड़कें बंद चल रही हैं। भारी बारिश से बंद पिथौरागढ़- घाट सड़क का निरीक्षण कर डीएम डॉ.आशीष चौहान ने अधिकारियों को तत्काल मार्ग खोलने के निर्देश दिए।
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खतरे की जद में आशियानें
पिथौरागढ़। भारी बारिश के कारण क्वीतड़ में मदन राम पुत्र फकीर राम का मकान खतरे की जद में आ गया है। इधर, पातलपोखरा में जगदीश कापड़ी का मकान खतरे की जद में आ गया है। दोनों ने प्रशासन से सुरक्षात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। पौण में मिनी स्टेडियम की सुरक्षा दीवार बारिश के कारण ढह गई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जल भराव हो गया। पिथौरागढ़ नगरीय क्षेत्र में नालियों के बंद होने से एंचोली पुल, रई पुल सहित कई स्थानों में जल भराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डीएम ने सभी एसडीएम और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
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जीआईसी की चहारदीवारी गिरी
नाचनी(पिथौरागढ़)। भारी बारिश से इंटर कॉलेज नाचनी की 30 मीटर चहारदीवारी गिर गई। इस दौरान सड़क पर चल रहा वाहन पत्थरों की चपेट में आने से बाल-बाल बचा। जनवरी 2020 में भी 40 मीटर दीवार का हिस्सा गिर गया था। 80 के दशक में निर्मित थल मुनस्यारी सड़क से सटी जीआईसी की 200मीटर लंबी दीवार का गिरना जारी है। जनवरी 2020 में 40 मीटर दीवार गिरने की सूचना डीएम को लिखित पत्र से प्रधानाचार्य और पीटीए को दी गई थी। डीएम ने सीईओ को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश बथियाल का कहना है कि आज तक विभाग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
रास्ता बंद, सेना की आपूर्ति बाधित
मुनस्यारी(पिथौरागढ़)। मल्ला जोहार पैदल मार्ग घोडालोटन नामक स्थान पर पिछले छह दिनों से बाधित होने के कारण आर्मी आईटीबीपी की सप्लाई के साथ ही स्थानीय का आवागमन बंद हो गया है। लोनिवि के ईई जेपी थपलियाल ने बताया कि रास्ता ठीक किया जा रहा है। शीघ्र रास्ता खोल लिया जाएगा।
तवाघाट-सोबला सड़क छिरकिला के पास ध्वस्त
धारचूला(पिथौरागढ़)। भारी बारिश के कारण तवाघाट-सोबला छिरकिला डैम के पास पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। मानसून काल में बंद दारमा घाटी को जोड़ने वाली सड़क 115 दिन बाद खुली पाई थी। भारी बारिश के कारण सड़क फिर बंद हो गई है। सड़क के बंद होने से 20 से अधिक गाड़ियां फंस गई हैं।
केएमओयू की बसेें रहीं खड़ी, यात्रियों को जाना पड़ा वापस
पिथौरागढ़। मौसम खराब होने के कारण रोडवेज और केएमओयू की बसें खड़ी रही। हल्द्वानी, दिल्ली, देहरादून जाने वाली बसों का संचालन भी नहीं हो सका। मौसम खराबी के कारण यात्री भी काफी कम निकले। कई यात्री वाहन थल की ओर से हल्द्वानी की ओर निकले। भारी बारिश के कारण पिथौरागढ़ नगर में अधिकतर प्रतिष्ठान बंद रहे। बाजार में भी दिन भर सुनसानी रही। संवाद
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण भारी बारिश हो रही है। 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर हल्की-हल्की बर्फबारी होने की भी संभावना है। आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप बढ़ेगा। किसानों को फसलों को सड़ने से बचाने के लिए फसलों सड़ने से बचाने के लिए जल निकासी की व्यवस्था करनी होगी। असिंचित क्षेत्रों में मौसम के साफ रहने पर गेहूं, जौं, मटर,चने की बुआई करेें, फसलों के अंकुरित फसलों में गैप फिलिंग करें। - डॉ. निर्मला भट्ट, यूआईसी, केवीके, एसएमएस कृषि मौसम विज्ञान।
पलेटा के पास मलबा आने से एनएच बंद
कनालीछीना/नाचनी (पिथौरागढ़)। तवाघाट-टनकपुर मार्ग पर पलेटा के पास करीब तीन बजे पहाड़ी से भारी मलबा और पेड़ सड़क पर आ गिरे। इस कारण सड़क बंद हो गया। इससे 108 एंबुलेंस, धारचूला जा रही रोडवेज की बस समेत कई छोटे-बड़े वाहन फंस गए। दो घंटे इंतजार के बाद भी बीआरओ के अधिकारी सड़क खोलने के लिए मौके पर नहीं पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक सड़क नहीं खोली जा सकी थी। मूनाकोट में वड्डा -अड़कनी मोटर मार्ग पर ग्राम बडारी के निकट कुलपाम में मलबा आने के कारण बंद है। थल-मुनस्यारी सड़क हरड़िया में पहाड़ी से मलबा आने से 10 घंटे सड़क मार्ग बंद रहा। यातायात प्रभावित होने से हल्द्वानी जाने वाले यात्रियों को चार घंटे इंतजार करना पड़ा। ग्रामीण सड़कों में बांसबगड़,भैंसकोट, गूठी, कोटा, धामीगांव, होकरा, समकोट में भी बारिश के कारण सड़क की स्थिति खतरनाक बनी है। रामगंगा नदी का जल स्तर बहुत बढ़ा है। नाले, गधेरे और झरने फिर से रौद्र रूप में आ गए है।

बर्फबारी से लोग हैरान
धारचूला। अक्तूबर में बर्फबारी होने से लोग हैरान हैं। दारमा और व्यास घाटी के उच्च हिमालयी इलाकों में बर्फबारी और बारिश के कारण काली नदी का जल स्तर भी बढ़ गया है। दांतु निवासी पानु दताल और कुटी निवासी गोपाल सिंह कुटियाल ने बताया कि इस वर्ष अक्तूबर में बर्फबारी होने पर हैरानी जताई। उन्होंने बताया माइग्रेशन आने के बाद 10 नवंबर के बाद ही दोनों घाटियों में बर्फबारी होती थी। मगर इस बार अक्तूबर में भी बारिश हो गई।
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