भारी बारिश से जिले की कई सड़कें बंद
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जिले में बृहस्पतिवार रात हुई भारी बारिश से कई सड़कों पर मलबा पट गया और यातायात कई घंटे बाधित रहा। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर थल और डीडीहाट के बीच पमतोड़ी के पास भारी मलबा गिरने से वाहनों की आवाजाही नौ घंटे तक बंद रही। पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर गुड़ौली, खिरचना और पिनौड़ीगाड़ के पास मलबा पटने से वाहनों का आवागमन सात घंटे तक बाधित रहा। लोनिवि डीडीहाट के ईई पीसी जोशी ने बताया कि थल-डीडीहाट मार्ग पर पमतोड़ी के पास रात दो बजे भारी मलबा गिर गया था। इसे शुक्रवार सुबह से हटाना शुरू किया गया और सुबह 11 बजे से वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई है।
पिथौरागढ़-तवाघाट मार्ग पर तीन स्थानों में गिरे मलबे को सुबह नौ बजे हटाया गया था। सीमा सड़क संगठन के द्वितीय कमान अधिकारी आरबी अग्रवाल ने बताया कि कुछ स्थानों पर मलबा गिरने का खतरा बना है। सभी खतरनाक स्थानों पर जेसीबी तैनात की गई हैं। मुनस्यारी से जौलजीबी जाने वाली सड़क पर घिंघरानी के पास फिर से मलबा गिर गया। इसे सीमा सड़क संगठन ने सुबह आठ बजे तक हटा दिया था।
थल-मुनस्यारी सड़क पर रातीगाड़ के पास मलबा आने से सुबह तीन घंटे तक यातायात बंद रहा। तवाघाट-कंज्योति मार्ग खेत से आगे बंद है। मुख्य सड़कों के अलावा आंतरिक मार्गों की हालत बेहद खराब है। गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं। इनको खोलने के लिए अभी विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया है। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने सड़कों की देखरेख कर रहे विभागों के अधिकारियों से कहा है कि सड़क यातायात बनाए रखने के लिए प्रयास करें।
हरड़िया नाले में फंसी जेसीबी
नाचनी (पिथौरागढ़)। हरड़िया नाले में वैली ब्रिज के लिए खतरा बने मलबे को हटाने के लिए गई जेसीबी खुद ही मलबे में फंस गई। हरड़िया नाले में मलबा इतना ज्यादा पटा है कि उसे हटाने में भी दिक्कत आ रही है। फंसी हुई जेसीबी को निकालने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। करीब पांच घंटे बाद जेसीबी को मलबे से बाहर निकाला जा सका। लोनिवि के जेई योगेंद्र चौबे की देखरेख में हरड़िया वैली ब्रिज के नीचे जमा मलबे को हटाने का काम किया जा रहा है। हरड़िया नाला थल-मुनस्यारी रोड पर आफत का कारण बन गया है।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-42.0 एमएम
गंगोलीहाट-6.0 एमएम
बेड़ीनाग-16.0 एमएम
डीडीहाट-35.0 एमएम
मुनस्यारी-30.0 एमएम
धारचूला-60.0 एमएम
खतरे के निशान के करीब पहुंची महाकाली
पिथौरागढ़। महाकाली नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। महाकाली का जलस्तर शुक्रवार को 889.5 मीटर नापा गया, जबकि महाकाली में खतरे का निशान 890 मीटर पर लगा हुआ है। गोरी का जल स्तर शुक्रवार को 605.5 मीटर रहा। गोरी में खतरे का निशान 607.8 मीटर पर है। सरयू का जलस्तर 448.6 मीटर रहा। सरयू में खतरे का निशान 453 मीटर पर है। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने लोगों से अपील की है कि नदियों के किनारे जाने का प्रयास न करें।
मुनस्यारी-जौलजीबी रोड पर 108 वाहन फंसा
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी-जौलजीबी रोड पर दरकोट से थोड़ा आगे बगौटा के पास शुक्रवार सुबह कीचड़ और दलदल में 108 आपात वाहन फंस गया, इस पर 108 के कर्मचारियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इस खराब सड़क पर सीमा सड़क संगठन के कर्मचारी और मजदूर तैनात नहीं रहते। इस कारण वाहनों को या तो खुद ही मशक्कत कर फंसे वाहन निकालने पड़ते हैं या फिर कई घंटे इंतजार करना पड़ता है। बताया गया कि 108 आपात वाहन को मुनस्यारी से मदकोट की तरफ जाना था, लेकिन बगौटा के पास वाहन मलबे और कीचड़ में फंस गया। करीब दो घंटे बाद 108 वाहन के कर्मचारियों ने खुद ही वाहन को निकाला। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क पर वाहन कब और कहां फंस जाए कहा नहीं जा सकता। कई बार सड़क की दुर्दशा को लेकर स्थानीय लोग आवाज उठा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। सड़क चौड़ीकरण के कारण कई स्थानों पर मलबा गिर रहा है।