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पिथौरागढ़ जिले के कई हिस्सों में भारी ओलावृष्टि
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/मुनस्यारी
Updated Sun, 23 Apr 2017 10:49 PM IST
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मुनस्यारी के मवानी दवानी गांव में ओलों से पटे खेत
- फोटो : अमर उजाला
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सिर्फ एक दिन मौसम सामान्य रहने के बाद रविवार को फिर से जिले के कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि हुई। जिला मुख्यालय में बारिश के साथ हल्के ओले गिरे। मुनस्यारी के बंगापानी, मवानीदवानी, जाराजिबली, घोरपट्टा, माणीधामी, आलमदारमा, हरकोट में बड़े ओले गिरने से खड़ी फसल, फलों, सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। मुनस्यारी के पास पंचाचूली और राजरंभा की चोटियों पर रविवार दोपहर बाद दो बजे से हिमपात हुआ।
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मुनस्यारी के ग्रामीण अंचलों में ओलों की मार से गेहूं, मसूर, जौ, मटर, प्याज, लहसुन, आलू को भारी नुकसान पहुंचा है। बंगापानी से पुष्कर नेगी, मवानीदवानी से उत्तम गोस्वामी ने बताया कि किसानों के पास बीज के लायक भी फसल नहीं बची है। कुछ स्थानों पर आधा किलो वजन के ओले गिरे। जौलजीबी में तेज बारिश एवं ओलों के कारण बाजार की नालियां पट गई और सारा पानी दुकानों तथा घरों में घुस गया। जौलजीबी से समाजसेवी गिरीश अवस्थी ने बताया कि नालियों का निर्माण सही ढंग से न होने के कारण यह समस्या पैदा हो रही है।
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अस्कोट में भी बारिश के साथ ओले गिरे। इस इलाके में लगातार तीसरी बार किसानों को ओलों की मार सहनी पड़ी है। मौसम के तेवरों से किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। इधर, पूरे जिले में बारिश एवं ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट आ गई और गर्मी का असर कम हो गया है।
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वन विभाग पर मौसम की मेहरबानी
पिथौरागढ़। इस बार का मौसम वन विभाग पर मेहरबान हो गया है। जिला मुख्यालय के पास सुकौली के जंगल में रविवार दोपहर बाद कुछ हिस्से में आग लगी थी, लेकिन बारिश आते ही आग खुद ही बुझ गई। वन रेंजर दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि जंगलों में लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर बारिश होने से जंगलों में आग का खतरा कम हो गया है।