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नेपालियों की मदद को आगे आए व्यास घाटी के प्रधान
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धारचूला में व्यास घाटी के प्रधानों ने खाद्यान्न उपलब्ध कराया। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
नेपाल की ओर से अंतरराष्ट्रीय झूलापुल का गेट बंद होने से भारत में काम करने वाले नेपाली मजदूरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों की परेशानियों को देखते हुए व्यास घाटी के प्रधान मदद को आगे आए हैं। उन्होंने मजदूरों के भोजन के लिए 40 हजार रुपये का राशन उपलब्ध कराया।
डीडीहाट, मदकोट, सेराघाट आदि जगहों से पैदल अपने गांव जाने के लिए पहुंचे करीब 180 नेपाली मजदूर बृहस्पतिवार से धारचूला में फंसे हैं। इन लोगों ने बृहस्पतिवार रात खुले में बिताई। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने नेपाल गेट के इंचार्ज से पुल खोलने का अनुरोध किया। वहां के इंचार्ज ने गेट खोलने का आदेश नहीं होने की बात कही। इससे मजदूर काफी परेशान हैं।
मेट भीम बहादुर, महावीर भंडारी ने नेपाल सरकार की बेरुखी पर नाराजगी जताई। मजदूरों की समस्या को देखते हुए व्यास घाटी के कुटी गांव के प्रधान धर्मेंद्र कुमार, रौंगकौंग के अंजू रौंकली, गुंजी के सुरेश गुंज्याल, गर्ब्यांग के विजय गर्ब्याल, नपलच्यू के नरेंद्र सिंह और बूंदी के जगत सिंह बुदियाल ने आपस में करीब 40 हजार की धनराशि एकत्र कर पांच क्विंटल चावल, एक क्विंटल आटा, 50 किलो दाल, मासले, तेल आदि उपलब्ध कराया। पुलिस की ओर से लकड़ी, बर्तन उपलब्ध कराए। रं म्यूजियम की उर्मिला गुंज्याल ने टीम के साथ खाना बनाने में मदद की। मजदूरों के रात बिताने के लिए के पालिका ने नव निर्मित गौशाला खोल दी है।
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डीडीहाट, मदकोट, सेराघाट आदि जगहों से पैदल अपने गांव जाने के लिए पहुंचे करीब 180 नेपाली मजदूर बृहस्पतिवार से धारचूला में फंसे हैं। इन लोगों ने बृहस्पतिवार रात खुले में बिताई। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने नेपाल गेट के इंचार्ज से पुल खोलने का अनुरोध किया। वहां के इंचार्ज ने गेट खोलने का आदेश नहीं होने की बात कही। इससे मजदूर काफी परेशान हैं।
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मेट भीम बहादुर, महावीर भंडारी ने नेपाल सरकार की बेरुखी पर नाराजगी जताई। मजदूरों की समस्या को देखते हुए व्यास घाटी के कुटी गांव के प्रधान धर्मेंद्र कुमार, रौंगकौंग के अंजू रौंकली, गुंजी के सुरेश गुंज्याल, गर्ब्यांग के विजय गर्ब्याल, नपलच्यू के नरेंद्र सिंह और बूंदी के जगत सिंह बुदियाल ने आपस में करीब 40 हजार की धनराशि एकत्र कर पांच क्विंटल चावल, एक क्विंटल आटा, 50 किलो दाल, मासले, तेल आदि उपलब्ध कराया। पुलिस की ओर से लकड़ी, बर्तन उपलब्ध कराए। रं म्यूजियम की उर्मिला गुंज्याल ने टीम के साथ खाना बनाने में मदद की। मजदूरों के रात बिताने के लिए के पालिका ने नव निर्मित गौशाला खोल दी है।
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