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सुरक्षा दीवारों को बहा ले गया हरड़िया नाला
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हरड़िया नाले से कटाव के कारण खतरे की जद में आया पुल। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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नाचनी (पिथौरागढ़)। नाचनी का हरड़िया नाला लोनिवि के लिए सिरदर्द बन गया है। मंगलवार को बनाई गई सुरक्षा दीवारों और कंक्रीट को नाला अपने साथ बहा ले गया। खतरा बढ़ते देख सभी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। इसके चलते थल-मुनस्यारी सड़क पर वाहनों का संचालन ठप हो गया है। जरूरी कार्य से आने वाले लोगों को मुनस्यारी के लिए मदकोट-जौलजीबी रूट से आवागमन करना पड़ेगा।
हरड़िया नाले में पिछले लंबे समय से हो रहा भूस्खलन थम नहीं रहा है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण बेली ब्रिज भी खतरे में आ गया है। पिछले कुछ दिनों से इस स्थान पर केवल छोटे वाहनों के संचालन के लायक सड़क खोली जा सकी थी। मंगलवार को लोक निर्माण विभाग सुरक्षा दीवारें बनवा रहा था, लेकिन रात में बारिश के दौरान फिर हुए भूस्खलन से रामगंगा नदी के पट मलबे और विशाल बोल्डरों से पट गए हैं। नदी का प्रवाह रुकने से भैंसखाल की ओर झील बननी शुरू जो गई। सूचना मिलते ही बुधवार की सुबह लोनिवि के ईई जगदीश थपलियाल और एई पीसी पंत सुबह नौ बजे हरड़िया पहुंचे। इसके बाद वाहनों का संचालन पूरी तरह से रोक दिया गया। इसके चलते दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई। मुनस्यारी से आने वाले वाहनों को वापस लौटना पड़ा। बेहद जरूरी काम के लिए अब लोगों को जौलजीबी रूट से आवागमन करना पड़ेगा।
उपजिलाधिकारी मुनस्यारी अभय प्रताप सिंह के आदेश के बाद नायब तहसीलदार प्रकाश जोशी और सिंचाई विभाग के एई फरजान खालिद, जेई अभियंता सुंदर बिष्ट और विनय रावत ने भी संयुक्त निरीक्षण किया। इसके अलावा भैंसखाल गांव के खबरिया नाले में आए मलबे का भी निरीक्षण किया। संयुक्त टीम ने निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
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हरड़िया नाले में पिछले लंबे समय से हो रहा भूस्खलन थम नहीं रहा है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण बेली ब्रिज भी खतरे में आ गया है। पिछले कुछ दिनों से इस स्थान पर केवल छोटे वाहनों के संचालन के लायक सड़क खोली जा सकी थी। मंगलवार को लोक निर्माण विभाग सुरक्षा दीवारें बनवा रहा था, लेकिन रात में बारिश के दौरान फिर हुए भूस्खलन से रामगंगा नदी के पट मलबे और विशाल बोल्डरों से पट गए हैं। नदी का प्रवाह रुकने से भैंसखाल की ओर झील बननी शुरू जो गई। सूचना मिलते ही बुधवार की सुबह लोनिवि के ईई जगदीश थपलियाल और एई पीसी पंत सुबह नौ बजे हरड़िया पहुंचे। इसके बाद वाहनों का संचालन पूरी तरह से रोक दिया गया। इसके चलते दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई। मुनस्यारी से आने वाले वाहनों को वापस लौटना पड़ा। बेहद जरूरी काम के लिए अब लोगों को जौलजीबी रूट से आवागमन करना पड़ेगा।
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उपजिलाधिकारी मुनस्यारी अभय प्रताप सिंह के आदेश के बाद नायब तहसीलदार प्रकाश जोशी और सिंचाई विभाग के एई फरजान खालिद, जेई अभियंता सुंदर बिष्ट और विनय रावत ने भी संयुक्त निरीक्षण किया। इसके अलावा भैंसखाल गांव के खबरिया नाले में आए मलबे का भी निरीक्षण किया। संयुक्त टीम ने निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
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