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Pithoragarh News: एकमात्र शिक्षामित्र के सहारे चल रहा सेलमा स्कूल
Mon, 10 Apr 2023 10:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 10 Apr 2023 10:29 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। राजकीय प्राथमिक विद्यालय सेलमा (रांथी) में तैनात स्थायी शिक्षक का बगैर प्रतिस्थानी के स्थानांतरण कर दिया गया है। अब स्कूल एकमात्र शिक्षामित्र के संचालित हो रहा है। स्कूल के अधिकतर समय बंद रहने के कारण अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल से निकालने का मन बना रहे हैं।
सेलमा के सामाजिक कार्यकर्ता केशर सिंह धामी ने एसडीएम को भेजे ज्ञापन में कहा है कि प्राथमिक विद्यालय में 40 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं लेकिन विद्यालय का संचालन एक शिक्षामित्र के सहारे किया जा रहा है। इस कारण स्कूल अधिकतर समय बंद रहता है।
कहा है कि पूर्व में दो स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। कहा कि वर्तमान शिक्षण सत्र में छात्र संख्या 50 से अधिक होने की संभावना थी लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते अभिभावक अपने बच्चों का अन्य स्कूलों में प्रवेश कराने का मन बना रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा सत्र 2022-23 में स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते प्रति अभिभावक सौ रुपये जमा कर गांव के एक व्यक्ति को शिक्षण कार्य के लिए रखा था। अभिभावकों का कहना है कि यदि रुपये जमा कर बच्चों को अध्ययन कराना है तो निजी विद्यालयों में प्रवेश कराना ही अच्छा है।
उन्होंने एसडीएम ने नए शिक्षा सत्र में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देशित करने का अनुरोध किया है।
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सेलमा के सामाजिक कार्यकर्ता केशर सिंह धामी ने एसडीएम को भेजे ज्ञापन में कहा है कि प्राथमिक विद्यालय में 40 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं लेकिन विद्यालय का संचालन एक शिक्षामित्र के सहारे किया जा रहा है। इस कारण स्कूल अधिकतर समय बंद रहता है।
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कहा है कि पूर्व में दो स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। कहा कि वर्तमान शिक्षण सत्र में छात्र संख्या 50 से अधिक होने की संभावना थी लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते अभिभावक अपने बच्चों का अन्य स्कूलों में प्रवेश कराने का मन बना रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा सत्र 2022-23 में स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते प्रति अभिभावक सौ रुपये जमा कर गांव के एक व्यक्ति को शिक्षण कार्य के लिए रखा था। अभिभावकों का कहना है कि यदि रुपये जमा कर बच्चों को अध्ययन कराना है तो निजी विद्यालयों में प्रवेश कराना ही अच्छा है।
उन्होंने एसडीएम ने नए शिक्षा सत्र में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देशित करने का अनुरोध किया है।