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घुघूति बासूति पुस्तक का हुआ ऑनलाइन लोकार्पण
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पिथौरागढ़ में घुघूति बासूति बाल गीत संग्रह का लोकार्पण करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। उत्तरायणी के पर्व पर म्यर पहाड़ मेरि पछ्यांण कार्यक्रम के संचालक और क्रिएटिव उत्तराखंड के संस्थापक हेम पंत के बालगीत संग्रह घुघूति बासूति का ऑनलाइन लोकार्पण किया गया। बाल गीत संग्रह में पारंपरिक विधाओं की जानकारी दी गई है।
मानस एकेडमी के संस्थापक डॉ. अशोक कुमार पंत ने कहा कि हेम पंत की घुघूति बासूति पुस्तक संग्रह में उत्तराखंड के पारंपरिक बाल गीतों में निहित बाल उत्सुकता, क्रीड़ा, नटखटपन, परिवेश का ज्ञान, खेल-खेल में सीखने की पारंपरिक विधाएं बताईं गईं हैं।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में निहित दुदबोली की अवधारण को साकार करने में ये संग्रह मील का पत्थर साबित होगा। उत्तरायणी का समाज वैज्ञानिक आधार विषय पर गोष्ठी भी हुई।
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इसमें मुंबई से डॉ. दिवा भट्ट, देहरादून से कमला पंत, बागेश्वर से चारू चंद्र तिवारी ने उत्तरायणी पर्व के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। दिनेश चंद्र भट्ट ने संचालन किया। इस मौके पर साहित्यकार महेश पुनेठा, विप्लव भट्ट, देवाशीष पंत, योगेश भट्ट, दिनेश पंत आदि मौजूद रहे।
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मानस एकेडमी के संस्थापक डॉ. अशोक कुमार पंत ने कहा कि हेम पंत की घुघूति बासूति पुस्तक संग्रह में उत्तराखंड के पारंपरिक बाल गीतों में निहित बाल उत्सुकता, क्रीड़ा, नटखटपन, परिवेश का ज्ञान, खेल-खेल में सीखने की पारंपरिक विधाएं बताईं गईं हैं।
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उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में निहित दुदबोली की अवधारण को साकार करने में ये संग्रह मील का पत्थर साबित होगा। उत्तरायणी का समाज वैज्ञानिक आधार विषय पर गोष्ठी भी हुई।
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इसमें मुंबई से डॉ. दिवा भट्ट, देहरादून से कमला पंत, बागेश्वर से चारू चंद्र तिवारी ने उत्तरायणी पर्व के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। दिनेश चंद्र भट्ट ने संचालन किया। इस मौके पर साहित्यकार महेश पुनेठा, विप्लव भट्ट, देवाशीष पंत, योगेश भट्ट, दिनेश पंत आदि मौजूद रहे।