फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Garri stuck in Ghurudi, children could not go home

Pithoragarh News: घुरुड़ी में अटकी गरारी, घर नहीं जा सके बच्चे

Fri, 07 Feb 2025 12:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 07 Feb 2025 12:05 AM IST
विज्ञापन
Garri stuck in Ghurudi, children could not go home
बंगापानी(पिथौरागढ़)। मवानी-दवानी के तोक घुरुड़ी के विद्यार्थियों के लिए गरारी से आवाजाही करना खतरे का सबब बन गया है। स्कूल की छुट्टी के बाद गांव के 14 विद्यार्थी घर लौटने के लिए गोरी नदी पर आवाजाही के लिए लगी गरारी के पास पहुंचे। गरारी के बीच नदी के बीच में अटकने से बच्चे घर नहीं जा सके। सूचना के दो घंटे बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा। तब जाकर बच्चों को गार्ड के साथ घर भेजा गया। सात किमी का पैदल सफर कर सभी बच्चे देर रात घर पहुंच सके।
विज्ञापन

मवानी-दवानी के तोक घुरुड़ी के लोगों की आवाजाही के लिए गोरी नदी पर गरारी लगी है। पक्का पुल नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरन जान जोखिम में डालकर गरारी के सहारे नदी पार करनी पड़ती है। बच्चे भी स्कूल आने-जाने के लिए गरारी का ही सहारा लेते हैं।
विज्ञापन

रोजाना की तरह ही बृहस्पतिवार सुबह भी गांव के 14 विद्यार्थी गरारी के सहारे गोरी नदी पार कर विद्यालय पहुंचे। छुट्टी के बाद घर लौटने के लिए जब वह किनारे पहुंचे तो उन्हें गरारी के बीच में फंसी होने से उनका घर पहुंचना मुश्किल हो गया। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए तैनात पीआरडी और वन विभाग के दो-दो कर्मियों ने घटना की सूचना नायब तहसीलदार को दी। मामले की गंभीरता को समझते हुए नायब तहसीलदार चंद्र प्रकाश आर्या मौके पर पहुंचे। गरारी का साथ न मिलने पर गार्ड के साथ विद्यार्थियों को वाहन से पांच किमी दूर मनकोट पहुंचाया गया। वहां लगी दूसरी गरारी से विद्यार्थियों को नदी पार कराई गई। इसके बाद सभी विद्यार्थी सात किमी का पैदल सफर कर देर रात अपने घर पहुंच सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वीकृति के 11 साल बाद भी नहीं बन सका पक्का पुल
बंगापानी। गोरी नदी पर घुरुड़ी के पास बना पक्का पुल वर्ष 2013 की आपदा में बह गया था। यहां दूसरा पुल स्वीकृत हुआ लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था के लिए गरारी लगाई गई। तब से आज तक यही गरारी लोगों के काम आ रही है। स्वीकृति के 11 साल बाद भी यहां पक्का पुल नहीं बन सका। आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने के बाद आला अधिकारी शीघ्र पुल निर्माण के दावे कर रहे हैं। हालांकि उनके दावे कब धरातल पर उतरेंगे और कब विद्यार्थियों को खतरे से मुक्ति मिलेगी, यह कोई नहीं जानता।


कोट-घुरुड़ी के पास गोरी नदी में लगी गरारी फंस गई थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंचकर गार्ड के साथ विद्यार्थियों को घर भेजा। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन गंभीर है। - चंद्र प्रकाश आर्या, नायब तहसीलदार, बंगापानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed