Pithoragarh News: पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी हेलीकॉप्टर से दिल्ली रवाना
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान घोड़े से गिरकर घायल हुईं पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी मंगलवार सुबह हेलिकॉप्टर से दिल्ली के लिए रवाना हो गई हैं।
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कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान घोड़े से गिरकर घायल हुईं पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी मंगलवार सुबह हेलिकॉप्टर से दिल्ली के लिए रवाना हो गई हैं। बता दें कि यात्रा के दौरान घोड़े से गिरकर चोटिल होने के बाद मीनाक्षी लेखी को तिब्बत से लौटना पड़ा था। रविवार को लिपुलेख से उन्हें पहले नाभीढांग और फिर गुंजी लाया गया जहां आईटीबीपी के चिकित्सकों ने उनका इलाज किया। वह गुंजी में आईटीबीपी के शिविर में ठहरी थीं। उनके घायल होने की सूचना पर हेलिकॉप्टर रविवार को धारचूला पहुंच गया था लेकिन छियालेख में मौसम की खराबी के कारण उड़ान नहीं भर सका।
सोमवार को भी मौसम खराब होने के कारण हेली गुंजी नहीं जा सका। इस कारण मीनाक्षी लेखी आईटीबीपी के अधिकारियों और महिला जवानों के साथ सड़क मार्ग से धारचूला के लिए रवाना हुईं। पेलसिती में चट्टानें खिसकने से मार्ग बंद होने के कारण उन्हें देर शाम तक एसएसबी के लमारी स्थित कैंप में रुकना पड़ा। रात में जवान उन्हें रेस्क्यू कर चट्टानी मार्ग से सड़क के दूसरी ओर लाए।
इसके बाद वहां से रात्रि 9:30 बजे वह धारचूला पहुंचीं। उनके पहुंचने पर एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने उनका हाल जाना और मेडिकल टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण किया।केएमवीएन गेस्ट हाउस में उन्होंने रात्रि विश्राम किया। मंगलवार सुबह 8:40 बजे वे हेली से दिल्ली रवाना हुईं। पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री ने सहयोग के लिए सातवीं वाहिनी आईटीबीपी और स्थानीय प्रशासन का आभार जताया है।
बता दें कि मीनाक्षी लेखी के रेस्क्यू के पूरे समय तक सातवीं वाहिनी के आईटीबीपी के डॉक्टर की टीम और महिला हेड कांस्टेबल सरोज कुमारी और शशि धामी लिपुलेख दर्रे से लेकर धारचूला हैलीपेड तक साथ में रही। पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी को कोई दिक्कत ना हो इसलिए आईटीबीपी के डॉक्टर टीम भी हेली से दिल्ली तक उनके साथ गई।