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वन सरंपचों का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन: बोले- बिना सुरक्षा उपकरणों के कह दिया जाता है जंगल की आग बुझाओ

Tue, 18 Feb 2025 05:07 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 18 Feb 2025 05:07 PM IST
सार

मंगलवार को वन सरंपच कलक्ट्रेट पहुंचे और वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। सरपंचों ने कहा कि फायर सीजन शुरू हो गया है। वन विभाग ने फरमान जारी कर उन पर जंगलों की आग बुझाने की जिम्मेदारी डाली है।

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Forest chiefs protested against the forest department in the collectorate in pithoragarh
वन सरंपचों का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फायर सीजन शुरू हो चुका है और वन विभाग जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के दावे कर रहा है। बाकायदा वन सरपंचों को आग बुझाने की जिम्मेदारी दी गई है। हैरानी है कि इन्हें न तो आर्थिक सहायता दी गई और ना ही सुरक्षा उपकरण। सिर्फ एक रेक, एक जोड़ी जूते देकर औपचारिकता निभा दी गई है। फायर प्रुफ सूट के बगैर ये जंगलों के साथ ही खुद को आग से कैसे बचाएंगे इसे पूरी तरह भुला दिया गया है। ऐसे में वन सरपंचों ने वन विभाग के मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन किया।

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मंगलवार को वन सरंपच कलक्ट्रेट पहुंचे और वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। सरपंचों ने कहा कि फायर सीजन शुरू हो गया है। वन विभाग ने फरमान जारी कर उन पर जंगलों की आग बुझाने की जिम्मेदारी डाली है। कहा निश्चित तौर पर जंगलों को आग से बचाना हमारी जिम्मेदारी है लेकिन वन विभाग इसके लिए न तो आर्थिक सहायता दे रहा है और ना ही सुरक्षा उपकरण।

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कहा बीते वर्ष फायर सीजन में हजारों हेक्टेयर जंगल जले और इसे बुझाने में कई वन कर्मियों को काल के गाल में समाना पड़ा। इन घटनाओं को अनदेखा कर वन विभाग सरपंचों को फायर प्रुफ सूट भी उपलब्ध नहीं करा सका है। कहा फायर सीजन में अधिकारी आलीशान एसी कमरों में बैठकर दिशा-निर्देश देते हैं और वन कर्मी और सरपंच बगैर सुरक्षा उपकरणों के जंगलों के साथ ही खुद को सुरक्षित बचाने के लिए जूझते हैं।

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चेतावनी देते हुए कहा जल्द वन सरंपचों को आर्थिक सहायता और सुरक्षा उपकरण नहीं मिले तो वे जंगलों में लगी आग को बुझाने से पूरी तरह किनारा करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में वन सरपंच संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार पांडे, अर्जुन प्रसाद, भुवन जोशी, शेखर भट्ट, मोहन चंद्र पांडे, राम सिंह चौहान, भूपेंद्र सौन, सुरेंद्र सिंह सहित कई सरपंच शामिल रहे। 

बोले वन सरपंच

फायर सीजन में हमें जंगलों की आग बुझाने की जिम्मेदारी दी गई है। वन विभाग कोई भी आर्थिक सहायता नहीं दे रहा है। सुरक्षा उपकरण के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। साफ है कि वन विभाग खुद ही जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के लिए गंभीर नहीं है। - देवेंद्र कुमार पांडे, वन सरपंच अध्यक्ष।

सुरक्षा उपकरण के नाम पर सिर्फ दो रैक और एक जोड़ी जूते मिले हैं। बीते वर्ष सामने आईं घटनाओं से वन विभाग ने अब तक सबक नहीं लिया है। बगैर सुरक्षा उपकरण के सरपंच कैसे जंगलों की आग बुझाएंगे इसे पूरी तरह भुला दिया है जो सही नहीं है। वन सरपंचों को आर्थिक सहयोग भी मिलना चाहिए। - मोहन चंद्र पांडे, वन सरपंच, गुरुड़ा।

 

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