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नायकगोठ में बाढ़ सुरक्षा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा : सतपाल महाराज
Sat, 03 Oct 2026 11:08 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:08 PM IST
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टनकपुर(चंपावत)। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नायकगोठ पारिथतिक गलियारा परियोजना के अंतर्गत 85.23 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन बाढ़ सुरक्षा और आपदा प्रबंधक कार्य, किरौड़ा नाले का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विकास के विजन से नायकगोठ को नई पहचान मिलेगी। बाढ़ सुरक्षा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
शनिवार को निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि नायकखेड़ा क्षेत्र अत्यधिक बाढ़ संवेदनशील रहा है। क्षेत्र को आपदा रोधी बनाने और बाढ़ के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से परियोजना संचालित की जा रही है। इसके तहत 3.7 किलोमीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार और 1,000 मीटर लंबी दो डायाफ्राम दीवारों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही 950 मीटर लंबी दो लेन सड़क का निर्माण भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि योजना पूरी होने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की करीब 33.5 हेक्टेयर भूमि का पुनरुद्धार संभव हो सकेगा। 30 एकड़ क्षेत्र में ग्रीन जोन, लैंडस्केप, एडवेंचर जोन और आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक खेल गतिविधियों के संचालन के कारण यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता सुभाष चंद्र पांडेय, अधीक्षण अभियंता एचसी सिंह, अधिशासी अभियंता आरडी भट्ट समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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शनिवार को निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि नायकखेड़ा क्षेत्र अत्यधिक बाढ़ संवेदनशील रहा है। क्षेत्र को आपदा रोधी बनाने और बाढ़ के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से परियोजना संचालित की जा रही है। इसके तहत 3.7 किलोमीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार और 1,000 मीटर लंबी दो डायाफ्राम दीवारों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही 950 मीटर लंबी दो लेन सड़क का निर्माण भी शामिल है।
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उन्होंने बताया कि योजना पूरी होने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की करीब 33.5 हेक्टेयर भूमि का पुनरुद्धार संभव हो सकेगा। 30 एकड़ क्षेत्र में ग्रीन जोन, लैंडस्केप, एडवेंचर जोन और आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक खेल गतिविधियों के संचालन के कारण यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता सुभाष चंद्र पांडेय, अधीक्षण अभियंता एचसी सिंह, अधिशासी अभियंता आरडी भट्ट समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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