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क्षतिग्रस्त पेयजल योजना ठीक करो
Mon, 07 Jan 2019 10:55 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 07 Jan 2019 10:55 PM IST
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पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते छड़नदेव के ग्रामीण।
- फोटो : पिथौरागढ़
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कनालीछीना विकासखंड के छड़नदेव के ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक करने की मांग को लेकर 40 किमी दूर जिला मुख्यालय पहुंच प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि एक हजार की आबादी की जलापूर्ति बंद हो गई है। इससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डूंडू चामी, छड़नदेव के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि छड़नदेव-लीमाटोड़ा मोटर मार्ग निर्माण के दौरान लोनिवि अस्कोट द्वारा पहाड़ कटिंग का कार्य किया गया। मलबे और बोल्डरों से डूंडूचामी पेयजल योजना का टैंक और पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने कई बार लोनिवि अधिकारियों से क्षतिग्रस्त योजना को ठीक करने की गुहार लगाई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बताया कि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से राइंका, प्राथमिक विद्यालय और एक हजार की आबादी वाले क्षेत्र की पानी की आपूर्ति बंद हो गई है। उन्होंने शीघ्र आपूर्ति सुचारु नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बाद में उन्होंने जिलाधिकारी को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर प्रधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष ललित मोहन पंत समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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डूंडू चामी, छड़नदेव के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि छड़नदेव-लीमाटोड़ा मोटर मार्ग निर्माण के दौरान लोनिवि अस्कोट द्वारा पहाड़ कटिंग का कार्य किया गया। मलबे और बोल्डरों से डूंडूचामी पेयजल योजना का टैंक और पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने कई बार लोनिवि अधिकारियों से क्षतिग्रस्त योजना को ठीक करने की गुहार लगाई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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बताया कि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से राइंका, प्राथमिक विद्यालय और एक हजार की आबादी वाले क्षेत्र की पानी की आपूर्ति बंद हो गई है। उन्होंने शीघ्र आपूर्ति सुचारु नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बाद में उन्होंने जिलाधिकारी को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर प्रधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष ललित मोहन पंत समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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