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कैलाश यात्रियों के पहले दल का तिब्बत में प्रवेश
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Tue, 20 Jun 2017 10:19 PM IST
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बर्फ पर चलकर लिपुलेख दर्रे की ओर बढ़ता कैलाश यात्रियों का प्रथम दल
- फोटो : अमर उजाला
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कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे पहले दल के 54 सदस्यों ने मंगलवार की सुबह लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत में प्रवेश कर लिया है। यात्री मंगलवार को तकलाकोट में रुके हैं। वहीं, कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे दूसरे दल के सदस्य गाला से चलकर बूंदी पड़ाव पहुंच गए हैं। सभी यात्री स्वस्थ हैं।
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भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के मिर्थी स्थित नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश यात्रियों के पहले दल ने भारतीय अंतिम पड़ाव नाभीढांग से मंगलवार तड़के 2.30 बजे लिपुलेख के लिए प्रस्थान किया। करीब आठ किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़ने के बाद यह यात्रा दल सुबह 6.25 बजे लिपुलेख पहुंचा। लिपुलेख में यात्रियों के सारे कागजातों की जांच की गई और करीब सात बजे पहले दल ने लिपुलेख दर्रा पार कर लिया।
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आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि पहले दल के यात्रियों को लिपुलेख के पास करीब दो किलोमीटर का सफर बर्फ पर चलकर पूरा करना पड़ा। पहले दल के जनसंपर्क अधिकारी चंद्रमौली कुमार टी शर्मा ने नियंत्रण कक्ष को सूचना दी है कि सभी यात्री सकुशल हैं। दल में 16 महिलाओं समेत 54 यात्री हैं। एक यात्री चिकित्सा परीक्षण में अनफिट होने के कारण गुंजी से आगे नहीं बढ़ पाया। वहीं, कैलाश यात्रा का 47 सदस्यीय दूसरा दल बूंदी पहुंच चुका है। दूसरे दल में 34 पुरुष और 13 महिला यात्री हैं।
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तीसरा दल आज धारचूला पहुंचेगा
डीडीहाट। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाला तीसरा दल बुधवार को आधार शिविर धारचूला पहुंचेगा। दल में 14 महिलाओं समेत 56 यात्री हैं। यात्री दोपहर भोजन के लिए डीडीहाट पर्यटक आवासगृह आएंगे। वहां से उनको आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी ले जाया जाएगा। रात्रि विश्राम के लिए यात्री धारचूला जाएंगे। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने यह जानकारी दी।