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Pithoragarh News: पहले कोरोना फिर आपदा और अब आग ने किया बर्बाद
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आग पर काबू पाने के बाद भी जली हुई दुकानों से उठता धुआ। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। धारचूला वालों पर महामारी और आपदा का कहर बुरी तरह टूटा है। कोरोना महामारी के कारण पहले यहां का व्यापार चौपट हुआ। इसके बाद आपदा और अब आग ने व्यापारियों को बेरोजगार कर दिया है। गुजर बसर का एकमात्र जरिया दुकान के आग में जलने से व्यापारी सड़क पर आ गए हैं। व्यापारियों के सामने अब जीवन यापन का संकट है।
पिछले दिनों आई आपदा से मल्ली बाजार में करीब 10-12 दुकानें क्षतिग्रस्त हुई थी जबकि वर्मा भवन में सात दुकानें मकान सहित पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी। यहां के अधिकतर व्यापारी अभी दुकानों की मरम्मत करा रहे हैं जबकि कुछ ने आसपास किराए पर दुकानें खोल दी हैं। वहीं सोमवार देर रात धारचूला के गांधी चौक स्थित दुकानों में आग लग गई। देखते ही देेखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि दुकान और सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला। आग से 14 दुकानें जलकर राख हो गई। मोबाइल, बारबर, सब्जी, कॉस्मेटिक और कपड़े की दुकानें चलाने वाले अधिकतर व्यापारियों ने बैंक से लोन लेकर व्यापार शुरू किया था।
धारचूला बाजार नेपाल के ग्राहकों पर सबसे अधिक निर्भर है। कोरोना काल में अंतरराष्ट्रीय पुल के बंद होने और लॉकडाउन से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। कोरोना से हालात सामान्य हुए तो आपदा काल में जनजीवन अस्त व्यस्त होने से व्यापार प्रभावित रहा। अब जब जनजीवन पटरी पर लौट रहा था तो आग ने व्यापारियों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि अब वह कैसे परिवार का भरण पोषण करेंगे और कैसे बैंक की किश्त देंगे। पीड़ित व्यापारियों ने सरकार और शासन-प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है।
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बोले पीड़ित व्यापारी
आग के कारण मोबाइल की पूरी दुकान जल गई है। धारचूला में पिछले 12 साल से मोबाइल की दुकान चला रहा था। दुकान से हुई आमदनी से परिवार का भरण पोषण करता था। आग ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
- मो.शहनवाज, आलिया मोबाइल शॉप धारचूला।
धारचूला में पिछले 40 साल से बारबर की दुकान चलाकर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। आग से पूरी दुकान जल गई है। अब बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
- मो.अनीस, बारबार शॉप स्वामी धारचूला।
आग से सब कुछ बर्बाद हो गया। आठ लाख रुपये का बैंक लोन चल रहा है। कुल 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। चार साल से किराए में दुकान चला रही थी। अब भविष्य कैसा होगा इसकी चिंता सता रही है।
- मंजू थापा, कास्मेटिक शॉप संचालक।
20 साल से धारचूला में सब्जी की दुकान चला रहा हूं। आग से तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अब कैसे परिवार का भरण पोषण करेंगे इसकी चिंता सता रही है।
- मोहम्मद अकरम, सब्जी विक्रेता धारचूला।
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पिछले दिनों आई आपदा से मल्ली बाजार में करीब 10-12 दुकानें क्षतिग्रस्त हुई थी जबकि वर्मा भवन में सात दुकानें मकान सहित पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी। यहां के अधिकतर व्यापारी अभी दुकानों की मरम्मत करा रहे हैं जबकि कुछ ने आसपास किराए पर दुकानें खोल दी हैं। वहीं सोमवार देर रात धारचूला के गांधी चौक स्थित दुकानों में आग लग गई। देखते ही देेखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि दुकान और सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला। आग से 14 दुकानें जलकर राख हो गई। मोबाइल, बारबर, सब्जी, कॉस्मेटिक और कपड़े की दुकानें चलाने वाले अधिकतर व्यापारियों ने बैंक से लोन लेकर व्यापार शुरू किया था।
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धारचूला बाजार नेपाल के ग्राहकों पर सबसे अधिक निर्भर है। कोरोना काल में अंतरराष्ट्रीय पुल के बंद होने और लॉकडाउन से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। कोरोना से हालात सामान्य हुए तो आपदा काल में जनजीवन अस्त व्यस्त होने से व्यापार प्रभावित रहा। अब जब जनजीवन पटरी पर लौट रहा था तो आग ने व्यापारियों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि अब वह कैसे परिवार का भरण पोषण करेंगे और कैसे बैंक की किश्त देंगे। पीड़ित व्यापारियों ने सरकार और शासन-प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है।
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बोले पीड़ित व्यापारी
आग के कारण मोबाइल की पूरी दुकान जल गई है। धारचूला में पिछले 12 साल से मोबाइल की दुकान चला रहा था। दुकान से हुई आमदनी से परिवार का भरण पोषण करता था। आग ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
- मो.शहनवाज, आलिया मोबाइल शॉप धारचूला।
धारचूला में पिछले 40 साल से बारबर की दुकान चलाकर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। आग से पूरी दुकान जल गई है। अब बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
- मो.अनीस, बारबार शॉप स्वामी धारचूला।
आग से सब कुछ बर्बाद हो गया। आठ लाख रुपये का बैंक लोन चल रहा है। कुल 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। चार साल से किराए में दुकान चला रही थी। अब भविष्य कैसा होगा इसकी चिंता सता रही है।
- मंजू थापा, कास्मेटिक शॉप संचालक।
20 साल से धारचूला में सब्जी की दुकान चला रहा हूं। आग से तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अब कैसे परिवार का भरण पोषण करेंगे इसकी चिंता सता रही है।
- मोहम्मद अकरम, सब्जी विक्रेता धारचूला।

धारचूला में दुकानों में लगी भीषण आग पर काबू पाते 832 लाइट रेजीमेंट और पुलिस के जवान। संवाद- फोटो : PITHORAGARH

धारचूला में दुकानों से उठती आग की लपटें। संवाद- फोटो : PITHORAGARH