{"_id":"6967d3d99dd3c7b36d0d9bff","slug":"fire-broke-out-in-a-house-in-dhyura-village-of-badabe-pithoragarh-news-c-230-1-alm1001-137074-2026-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: बड़ाबे के ध्यूरा गांव में मकान में लगी आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: बड़ाबे के ध्यूरा गांव में मकान में लगी आग
Wed, 14 Jan 2026 11:05 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 14 Jan 2026 11:05 PM IST
विज्ञापन
बड़ाबे के ध्यूरा में मकान में आग बुझाते फायर सर्विस कर्मी।स्रोत : अग्निशमन विभाग
पिथौरागढ़। बड़ाबे क्षेत्र के ध्यूरा गांव में एक मकान में आग लग गई। फायर सर्विस की टीम ने डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीणों से मदद से आग पर काबू पाया और बड़ा नुकसान होने से बच गया। यदि समय पर आग नहीं बुझाई जाती तो आसपास बने मकान भी इसकी चपेट में आ जाते।
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद ने बताया कि बीते मंगलवार की देर शाम को ध्यूरा गांव में गिरधर सिंह खड़ायत के मकान में आग लगने की सूचना मिली। तत्परता दिखाते हुए टीम फायर बाल, फायर एक्सटिंग्विशर के साथ डेढ़ किलोमीटर की चढ़ाई पार का गांव पहुंची। अग्निशमन उपकरणों और पानी के साथ एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि घटना में कमरे के भीतर रखे कपड़े और बिस्तर जलकर नष्ट हो गए। उन्होंने बताया कि घटनास्थल के आसपास तीन मकान हैं। यदि समय पर आग नहीं बुझाई जाती तो यह अन्य मकानों में भी फैल सकती थी। उन्होंने बताया कि भवन स्वामी ने नशे में आवेश में आकर खुद मकान को आग के हवाले कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद ने बताया कि बीते मंगलवार की देर शाम को ध्यूरा गांव में गिरधर सिंह खड़ायत के मकान में आग लगने की सूचना मिली। तत्परता दिखाते हुए टीम फायर बाल, फायर एक्सटिंग्विशर के साथ डेढ़ किलोमीटर की चढ़ाई पार का गांव पहुंची। अग्निशमन उपकरणों और पानी के साथ एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
विज्ञापन
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि घटना में कमरे के भीतर रखे कपड़े और बिस्तर जलकर नष्ट हो गए। उन्होंने बताया कि घटनास्थल के आसपास तीन मकान हैं। यदि समय पर आग नहीं बुझाई जाती तो यह अन्य मकानों में भी फैल सकती थी। उन्होंने बताया कि भवन स्वामी ने नशे में आवेश में आकर खुद मकान को आग के हवाले कर दिया था।
विज्ञापन