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किसानों को नहीं मिला बहुउद्देश्यीय सिंचाई टैंकों का लाभ
दिनेश अवस्थी/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 04 Dec 2018 10:19 PM IST
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बलुवाकोट के गुईयां गांव में टैंक दिखाते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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धारचूला विकासखंड के बलुवाकोट में कृषि विभाग की ओर से बनाए गए बहुउद्देश्यीय टैंकों का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। इन टैंकों में से अधिकतर जर्जर हो गए हैं। बनाने के बाद किसी टैंक में पानी नहीं पहुंचा तो कई में दरारें पड़ चुकी हैं। इससे क्षेत्र के किसानों में आक्रोश है।
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किसानों की सुविधा के लिए वर्ष 2014 से बलुवाकोट में करीब 30 लाख रुपये से अधिक लागत से कृषि विभाग की ओर से बोरा गांव, नगतड़, गोठानी, गुईयां, गैरागांव, जौलाड़, रौझाड़, सेली, पोखरी में 11 बहुउद्देश्यीय संभरण टैंक बनाए गए। इनसे खेतों में सिंचाई करने के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए टैंकों के पास पॉलीहाउस, मत्स्य पालन, बतख बाड़ा, फलदार पौधरोपण, वर्मी कंपोस्ट की व्यवस्था की जानी थी। आरोप है कि धन खपाने के लिए विभाग की ओर से अधूरे टैंक तो बना दिए गए, लेकिन अन्य कार्य नहीं किए गए। सेली तोक के दीप चंद्र जोशी ने बताया कि विभाग द्वारा सिंचाई टैंकों का निर्माण कराया गया। चार वर्ष बाद भी उन्हें भुगतान नहीं किया गया है।
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पोखरी के मोहन सिंह धामी, गुईयां के नारायण सिंह ऐरी ने बताया कि टैंक निर्माण में अनियमितताएं बरती गई हैं। इन टैंकों का कोई लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। इस मामले को जोशी ने जौलजीबी में आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में सीडीओ और मुख्य कृषि अधिकारी के समक्ष भी उठाया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि इनमें से कई टैंकों की हालत जर्जर हो गई है।
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बहुउद्देशीय सिंचाई टैंकों की पूर्व में शिकायत मिली है। टैंकों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही क्षतिग्रस्त टैंकों की मरम्मत की जाएगी। -अमरेंद्र चौधरी, मुख्य कृषि अधिकारी, पिथौरागढ़।