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Pithoragarh News: पहाड़ के मेडिकल कॉलेजों में तैनात से विशेषज्ञों ने फिर पीछे खींचे हाथ
Tue, 21 Oct 2025 09:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 21 Oct 2025 09:54 PM IST
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पिथौरागढ़। पहाड़ के मेडिकल कॉलेजों में तैनाती के लिए विशेषज्ञों ने फिर से हाथ पीछे खींच लिए हैं। बीते दिनों मेडिकल कॉलेजों में स्थायी फैकल्टी की तैनाती के लिए हुए साक्षात्कार में ऐसा सामने आया है। एनाटॉमी विभाग में फैकल्टी की कमी के लिए 11 विशेषज्ञ साक्षात्कार में पहुंचे। जब इनसे पहाड़ के मेडिकल कॉलेजों में तैनाती के लिए कहा गया तो सात विशेषज्ञों ने हाथ खड़े कर दिए। अब सिर्फ सात विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए परीक्षा होगी।
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 439 पद रिक्त हैं। ये फैकल्टी मेडिकल कॉलेजों में कुशल डॉक्टर तैयार करने के साथ ही विशेषज्ञों के रूप में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जरूरी है। पूर्व में इन पदों पर अस्थायी तैनाती के लिए छह बार साक्षात्कार हुआ। इसके बाद भी सिर्फ 20 फीसदी फैकल्टी ही चिकित्सा शिक्षा विभाग को मिल सकी।
विभाग ने इन पदों पर स्थायी तैनाती करने का निर्णय लेते हुए बीते दिनों एनाटॉमी विभाग में नियुक्ति के लिए साक्षात्कार किया। 11 अभ्यर्थियों ने इसके लिए आवेदन किया। जब साक्षात्कार में विशेषज्ञों को पहाड़ के मेडिकल कॉलेजों में तैनाती की जानकारी मिली तो इनमें से चार ने पहाड़ चढ़ने से मना कर दिया। विशेषज्ञों का साफ तौर पर कहना है कि वे पहाड़ के मेडिकल कॉलेजों में सेवा नहीं देंगे। ऐसे में विभाग के लिए मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी और विशेषज्ञों की तैनाती करना चुनौती बन गया है।
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पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी के 75 पद रिक्त
लाखों रुपये वेतन देने के बाद भी बाद भी मेडिकल कॉलेज के अधीन 63 करोड़ से बने बेस अस्पताल में विशेषज्ञों के रूप में फैकल्टी की नियुक्ति नहीं हो रही है। यहां प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के 76 पद स्वीकृत हैं। 24 महीने में छह साक्षात्कार होने के बाद भी यहां अब तक सिर्फ हड्डी रोग विभाग में एक असिस्टेंट प्रोफेसर की तैनाती हुई है। अब भी 75 पद रिक्त हैं। यही हाल प्रदेश में पहाड़ के अन्य मेडिकल कॉलेजों का है।
कोट
बीते दिनों शासन स्तर पर मेडिकल कॉलेजों में एनाटॉमी विभाग में फैकल्टी की तैनाती के लिए साक्षात्कार हुआ। कुछ विशेषज्ञों ने पहाड़ के मेडिकल कॉलेजों में तैनाती लेने से मना किया है। साक्षात्कार जारी हैं। उम्मीद है प्रदेश के साथ ही पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज को फैकल्टी मिलेगी। - डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़
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प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 439 पद रिक्त हैं। ये फैकल्टी मेडिकल कॉलेजों में कुशल डॉक्टर तैयार करने के साथ ही विशेषज्ञों के रूप में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जरूरी है। पूर्व में इन पदों पर अस्थायी तैनाती के लिए छह बार साक्षात्कार हुआ। इसके बाद भी सिर्फ 20 फीसदी फैकल्टी ही चिकित्सा शिक्षा विभाग को मिल सकी।
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विभाग ने इन पदों पर स्थायी तैनाती करने का निर्णय लेते हुए बीते दिनों एनाटॉमी विभाग में नियुक्ति के लिए साक्षात्कार किया। 11 अभ्यर्थियों ने इसके लिए आवेदन किया। जब साक्षात्कार में विशेषज्ञों को पहाड़ के मेडिकल कॉलेजों में तैनाती की जानकारी मिली तो इनमें से चार ने पहाड़ चढ़ने से मना कर दिया। विशेषज्ञों का साफ तौर पर कहना है कि वे पहाड़ के मेडिकल कॉलेजों में सेवा नहीं देंगे। ऐसे में विभाग के लिए मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी और विशेषज्ञों की तैनाती करना चुनौती बन गया है।
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पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी के 75 पद रिक्त
लाखों रुपये वेतन देने के बाद भी बाद भी मेडिकल कॉलेज के अधीन 63 करोड़ से बने बेस अस्पताल में विशेषज्ञों के रूप में फैकल्टी की नियुक्ति नहीं हो रही है। यहां प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के 76 पद स्वीकृत हैं। 24 महीने में छह साक्षात्कार होने के बाद भी यहां अब तक सिर्फ हड्डी रोग विभाग में एक असिस्टेंट प्रोफेसर की तैनाती हुई है। अब भी 75 पद रिक्त हैं। यही हाल प्रदेश में पहाड़ के अन्य मेडिकल कॉलेजों का है।
कोट
बीते दिनों शासन स्तर पर मेडिकल कॉलेजों में एनाटॉमी विभाग में फैकल्टी की तैनाती के लिए साक्षात्कार हुआ। कुछ विशेषज्ञों ने पहाड़ के मेडिकल कॉलेजों में तैनाती लेने से मना किया है। साक्षात्कार जारी हैं। उम्मीद है प्रदेश के साथ ही पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज को फैकल्टी मिलेगी। - डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़