फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Even decades after independence, the village of Oli is dependent on doli.

Pithoragarh News: आजादी के दशकों बाद भी डोली के भरोसे गांव ओली

Wed, 25 Feb 2026 11:05 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Wed, 25 Feb 2026 11:05 PM IST
विज्ञापन
Even decades after independence, the village of Oli is dependent on doli.
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। विकास के दावों के बीच पिथौरागढ़ जनपद के ओली गांव की तस्वीर आज भी बदहाल है। यहां के 40 परिवार आज भी मुख्य धारा से जुड़ने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। गांव तक पहुंचने के लिए कोई सड़क नहीं है जिसके चलते ग्रामीणों को हर दिन छह किलोमीटर की जानलेवा खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है।
विज्ञापन

गांव की प्रधान रीना देवी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने डीएम को को पत्र भेजकर कहा कि मुख्य मार्ग एनएच-309 (भूली गांव) से ओली तक सड़क का सर्वे पूरा हो चुका है लेकिन फाइलें विभागीय लापरवाही के कारण ठंडे बस्ते में हैं।
विज्ञापन

आरोप लगाया कि विभाग की ओर सेवन विभाग की अनुमति का बहाना बनाया जा रहा है। प्रधान रीना ने दावा किया कि सर्वे के अनुसार इस मार्ग पर कहीं भी वन भूमि/वन पंचायत की भूमि नहीं आ रही है। बताया कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में युवा गांव छोड़ रहे हैं जिससे गांव खाली होने की कगार पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मरीजों की जान जोखिम में : एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकती। बीमार और गर्भवतियों को आज भी डंडों के सहारे डोली में बांधकर मुख्य सड़क तक लाया जाता है।

ग्रामीणों की जुबानी: अब और धैर्य नहीं
- सर्वे के नाम पर हमें वर्षों से बहलाया जा रहा है। बच्चों को स्कूल जाने में और बुजुर्गों को राशन लाने में भारी कष्ट होता है। मार्च तक काम शुरू नहीं हुआ तो हम सड़कों पर उतरेंगे। - रीना देवी, ग्राम प्रधान
- सड़क नहीं होने से गांव के लोग पलायन कर रहे हैं। मुख्य मार्ग से गांव छह किलोमीटर दूर होने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। - गोपाल प्रसाद, ग्रामीण
- छह साल से हम लगातार मांग कर रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंग रही। सबसे ज्यादा डर तब लगता है जब आधी रात को कोई बीमार पड़ जाए। - सुशीला देवी, ग्रामीण
- सड़क सुविधा नहीं होने से कई किमी की कठिन चढ़ाई पार करनी पड़ती है। इससे काफी समय भी बर्बाद होता है और हर समय जंगली जानवरों का भय बना रहता है। - राजेंद्र प्रसाद, ग्रामीण

कोट
-ओली गांव की सड़क का सर्वे कार्य हो चुका है। अब इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है जिसे जल्द ही सरकार के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। - मनोज नेगी, अवर अभियंता (पीएमजीएसवाई), गंगोलीहाट
फोटो 25 पीटीएच 01 पी- रीना देवी।
फोटो 25 पीटीएच 02 पी- गोपाल प्रसाद।

फोटो 25 पीटीएच 03 पी- सुशीला देवी।
फोटो 25 पीटीएच 04 पी- राजेंद्र प्रसाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed