सेवानिवृत्त होने के बाद भी बच्चों को रोज पढ़ा रहे
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आमतौर पर हर कोई कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी, सैनिक सेवानिवृत्त होने के बाद आराम करने की सोचने लगता है। लंबी सेवा करने के बाद लोगों की मनोदशा भी बदल जाती है, लेकिन राजकीय इंटर कॉलेज पय्यांपौड़ी (धारचूला) से 31 मार्च 2017 को सेवानिवृत्त हुए हिंदी प्रवक्ता लालमणि जोशी ने इस मिथक को तोड़ दिया है। दरअसल जीआईसी पय्यांपौड़ी में शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं, इस कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। लिहाजा, लालमणि जोशी ने सेवानिवृत्ति के बाद फिर से विद्यालय जाने का फैसला लिया और वह एक अप्रैल से लगातार विद्यालय पहुंचते हैं।
हाइस्कूल, इंटर के विद्यार्थियों को हिंदी और संस्कृत विषय पढ़ाने के बाद वह घर को निकल जाते हैं। यह बात अलग है कि अब उनको इस सेवा के बदले कोई धनराशि नहीं मिलती। लालमणि जोशी पय्यांपौड़ी गांव के ही निवासी हैं। उनका कहना है कि उनके सेवानिवृत्त होने से हिंदी विषय के प्रवक्ता का पद रिक्त हो गया था। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर न पड़े, इसे देखते हुए वह रोज विद्यालय जाते हैं और बच्चों को अपने विषय पढ़ाकर घर लौटते हैं।
जोशी ने कहा कि जब तक विद्यालय में हिंदी प्रवक्ता के पद पर तैनाती नहीं हो जाती, तब तक वह इसी तरह पढ़ाते रहेंगे। उनके इस सेवाभाव की स्थानीय लोगों ने तारीफ की है। ग्राम प्रधान बंशी राम, जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र थापा ने कहा कि अन्य शिक्षकों को भी इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।