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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Ease of reaching Adi Kailash due to asphalting work on the road from Gunji to Jeolingkang and Adi Kailash

आदि कैलाश तक पहुंच हुई आसान: 200 करोड़ से हुआ सड़क पर डामर, दो घंटे के थकावट भरे सफर से मिलेगी मुक्ति

Thu, 12 Dec 2024 04:52 PM IST
हीरा मेहरा शालू दताल, संवाद
शालू दताल, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 12 Dec 2024 04:52 PM IST
सार

बीआरओ ने गुंजी से ज्योलिंगकांग, आदि कैलाश तक 36 किमी सड़क पर दिन-रात काम कर डामरीकरण पूरा किया है, इसमें 200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। बेहतर सड़क बनने से आदि कैलाश के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही सुगम होगी।

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Ease of reaching Adi Kailash due to asphalting work on the road from Gunji to Jeolingkang and Adi Kailash
गुंजी से ज्योलिंगकांग, आदि कैलाश सड़क में डामरीकरण का कार्य करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अब आदि कैलाश तक पहुंच आसान हो गई है। बीआरओ की पहल पर यह संभव हुआ है। बीआरओ ने 14,000 फुट की ऊंचाई पर गुंजी से ज्योलिंगकांग, आदि कैलाश तक 36 किमी सड़क पर दिन-रात काम कर डामरीकरण पूरा किया है इसमें 200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। बेहतर सड़क बनने से व्यास घाटी के लोगों के साथ ही आदि कैलाश के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही सुगम होगी।

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65 आरसीसी ग्रेफ के ओसी लेफ्टिनेंट कर्नल भावना चौकसे ने बताया कि चीन सीमा तक सड़क को बेहतर बनाने में अधिकारियों, कर्मचारियों और मजदूरों ने जमकर पसीना बहाया। 15 महीने तक विषय परिस्थितियों से जूझते हुए दिन-रात बीआरओ ने इस काम को अंजाम तक पहुंचाया है।

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डामरीकरण के साथ ही सड़क 3.75 मीटर चौड़ी बनाई गई है। कहा सड़क की बेहतरी से चीन सीमा तक पकड़ मजबूत होगी। वहीं इसका सीधा लाभ सीमा सुरक्षा में डटे सैनिकों, व्यास घाटी के लोगों के साथ ही श्रद्धालुओं को मिलेगा।

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नाबी निवासी अशोक सिंह नबियाल सहित अन्य ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए बीआरओ का आभार जताया है। उन्होंने बीआरओ से गुंजी से नाबीढांग तो रांककांग की पूर्व प्रधान अंजू रौंकली, गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने नपल्चू से गर्ब्यांग तक सड़क सुधारीकरण की मांग की है। 

सुगम आवाजाही के लिए पांच बैली ब्रिज बने
ओसी लेफ्टिनेंट कर्नल भावना चौकसे ने बताया कि ज्योलिंगकांग तक 36.3 किमी सड़क पर डामरीकरण करने के साथ ही इसका चौड़ीकरण किया गया है। सैनिकों, स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए इस सड़क पर पांच बैली ब्रिज का निर्माण करना पड़ा। वहीं सड़क पर सुरक्षा दीवारों का भी निर्माण किया गया है। 



सफर पूरा करने में लगेगा आधा समय
ओसी ले. कर्नल भावना चौकसे ने बताया कि पूर्व में आदि कैलाश यात्रियों को गुंजी से ज्योलिंगकांग पहुंचने में 1.50 घंटे का समय लगता था। अब सड़क पर वाहन सरपट दौड़ेंगे और इस दूरी को तय करने में आधा समय लगेगा। 

गुंजी से ज्योलिकांग तक डामरीकरण कार्य पूरा हो गया है। गुंजी से नाभीढांग तक सड़क सुधारीकरण का कार्य अगले महीने से शुरू हो जाएगा।
- ले. कर्नल भावना चौकसे, ओसी, 65 आरसीसी, ग्रेफ, गुंजी।

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