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Pithoragarh News: बारिश नहीं होने से कुमाऊं में फसलों को होने लगा है नुकसान

Thu, 22 Jan 2026 10:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 22 Jan 2026 10:09 PM IST
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Due to lack of rain, crops in Kumaon are getting damaged.
कनालीछीना के सतगढ़ गांव में सूखे खेत। संवाद
पिथौरागढ़। पर्वतीय क्षेत्रों में सर्दी के सीजन में अभी तक बारिश नहीं होने से फसलों पर असर पड़ रहा है। मौसम विभाग की ओर से बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। किसानों को भी बेसब्री से बारिश का इंतजार है। यदि अगले कुछ दिन बारिश नहीं होती है तो रबी की फसल और फलों पर भी असर दिखना शुरू हो जाएगा।
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कुमाऊं मंडल के छह जिलों में कुल 2,07,512 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी की फसलों का उत्पादन किया जाता है। कृषि विभाग की ओर से बारिश नहीं होने से फसलों को हो रहे नुकसान पर नजरी सर्वे कराया गया है। फिलहाल ऊधमसिंह नगर में फसलों को कोई नुकसान नहीं है। नैनीताल में सर्वाधिक 22-23 फीसदी फसलों को नुकसान पहुंचा है। अल्मोड़ा, बागेश्वर और चंपावत में 10 से 15 फीसदी और पिथौरागढ़ में आठ से 10 प्रतिशत फसलों को नुकसान पहुंचा है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिन यदि बारिश नहीं हुई तो रबी की फसल काफी प्रभावित हो सकती है।
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नैनीताल की प्रभारी मुख्य कृषि अधिकारी रीतू टम्टा का कहना है कि वर्षा आधारित खेती में यदि सीजन में दो बार बारिश हो जाए तो खेतों को पर्याप्त नमी मिल जाती है। इससे फसलों का जमाव और बढ़वार अच्छी होती है। अभी इस सीजन में पिछले 110 दिनों से बारिश नहीं होने से फसलों पर विपरीत असर पड़ रहा है। संयुक्त कृषि निदेशक कुमाऊं मंडल पीके सिंह का कहना है कि कई जगहों पर बीज जमाव और फसलों की बढ़वार प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से अभी फसलों का और सर्वे कराया जा रहा है।
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शीतोष्ण फलों पर भी पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव
बारिश और बर्फबारी नहीं होने से शीतोष्ण फलों पर भी बुरा असर पड़ सकता है। पूर्व निदेशक उद्यान आईए खान का कहना है कि सेब, आड़ू और खुमानी कम तापमान में होते हैं। कम तापमान में उनके फूल और फल विकसित होते हैं। अधिक तापमान में उनकी गुणवत्ता और मात्रा कम हो जाती है।

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