फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Due to lack of rain and snowfall there is deep fog in atmosphere of mountains in pithoragarh

मौसम हुआ बेईमान: ना बारिश ना बर्फबारी...हिमालय पर्वत मालाएं धुंध के कारण नजरों से हुईं ओझल, जानें कारण

Mon, 22 Jan 2024 05:04 PM IST
हीरा मेहरा भक्त दर्शन पांडेय, संवाद
भक्त दर्शन पांडेय, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 22 Jan 2024 05:04 PM IST
सार

लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण साफ रहने वाले हिमालयी क्षेत्र के वातावरण में भी गहरी धुंध छा गई है। स्थिति यह है कि धुंध छाने से हिमालय पर्वत श्रंखलाएं नजरों से ओझल हो गईं हैं। 

विज्ञापन
Due to lack of rain and snowfall there is deep fog in atmosphere of mountains in pithoragarh
mountains - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण साफ रहने वाले हिमालयी क्षेत्र के वातावरण में भी गहरी धुंध छा गई है। स्थिति यह है कि धुंध छाने से हिमालय पर्वत श्रंखलाएं नजरों से ओझल हो गईं हैं। बारिश और बर्फबारी न होने के लिए मौसम विज्ञानी पश्चिमी विक्षोभ की निष्क्रियता और अलनीनो को जिम्मेदार बता रहे हैं।

विज्ञापन


एक दशक पूर्व तक नवंबर से उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी शुरू हो जाती थी। निचले इलाकों में रुक-रुककर या लगातार कई दिनों तक बारिश होती रहती थी। दिसंबर-जनवरी में पूरा हिमालय क्षेत्र बर्फ से लकदक और साफ नजर आता था। अब मौसम का यह क्रम बदल गया है। पिछले पांच वर्षों से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नवंबर में हल्का हिमपात और हल्की बारिश के बाद सूखे जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। इस साल भी पिथौरागढ़ जिले की दारमा और व्यास घाटियों के साथ ही अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में नवंबर की शुरुआत में हल्का हिमपात हुआ था। इसके बाद सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
विज्ञापन


ये पढ़ें- उम्मीद: पर्वतारोहण को लगेंगे पंख...तो पहाड़ से थमेगा पलायन, कुमाऊं विवि की एक शोधकर्ता ने बताई हकीकत
विज्ञापन
विज्ञापन


हिमालय की चोटियों से बर्फ गायब होती जा रही है। बर्फ पिघलने से अधिकांश हिमालयी क्षेत्र काला नजर आ रहा है। बारिश नहीं होने और हिमालय के निकट के जंगलों में आग लगने की घटनाओं से अब धुंध भी गहराती जा रही है। 

पश्चिमी विक्षोभ की निष्क्रियता और अलनीनो प्रभाव के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। नमी वाली हवाओं के यहां तक नहीं पहुंच पाने से सूखे जैसे हालात हैं। बारिश न होने से वातावरण में धूल के कण जमा हो जाते हैं। इससे धुंध छा जाती है। बारिश के बाद ही धुंध छंट सकती है। -डॉ.चेतन भट्ट, मौसम विज्ञानी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed