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अस्कोट क्षेत्र के सभी गांवों में सूखे का असर
ब्यूरो/अमर उजाला, अस्कोट
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:02 PM IST
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बारिश न होने के कारण अस्कोट में सूखे पड़े खेत
- फोटो : अमर उजाला
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अस्कोट क्षेत्र के सभी गांवों में सूखे का असर पड़ने लगा है, इससे किसान परेशान हैं। जमीन में एक माह पहले बोए गए बीज नमी की कमी के कारण अंकुरित नहीं हो पाए हैं। इस बार किसानों ने कृषि विभाग से 80 रुपये किलो मसूर और 26 रुपये किलो गेहूं का बीज खरीदा था। इसके अलावा प्रतिदिन 1000 रुपये भाड़ा देकर खेतों की जुताई की थी। बीजों के अंकुरित न होने से इस बार किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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देवल, जमतड़ी, बाजार, हिनकोट, रसगाड़ी, खोलियागांव, चमलेग, कूटा गांवों के प्रधानों ने बताया कि मुख्य फसल के साथ-साथ सब्जी पर भी सूखे का असर पड़ रहा है। क्षेत्र में सिंचाई की कोई सुविधा नहीं है। इस कारण लोगों को बारिश के पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता है। एक अनुमान के अनुसार पूरे इलाके में करीब पांच हजार हेक्टेयर जमीन सूखे की चपेट में है। खेतों से धूल उड़ रही है। उनमें पाला और ठंड के कारण घास भी नहीं उग पा रही है।
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देवल के उपप्रधान कैलाश पाल, जमतड़ी के प्रधान गोविंद भंडारी, बाजार की रेखा पाल, हिनकोट की शहनाज बेगम, रसगाड़ी की उमा बिष्ट, खोलियागांव के किशन राम, चमलेग के नरेंद्र बसेड़ा, कूटा के रामीराम ने डीएम को पत्र लिखकर इस इलाके का सर्वे कराने और किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों ने महंगा बीज खरीदकर बोया है। अब यह बीज नहीं उग पा रहे हैं। सितंबर से बारिश न होने के कारण सूखे की स्थिति गंभीर हो गई है। प्रधानों का कहना है कि सरकारी सस्ते-गल्ले की दुकानों में राशन नहीं मिल पा रहा है। इस कारण संकट और गंभीर हो जाएगा।
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अभी बारिश के आसार नहीं
पिथौरागढ़। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि अभी बारिश के कोई आसार नहीं बन रहे हैं। हल्के स्तर के बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। रात में पाला गिरने से न्यूनतम तापमान में गिरावट का क्रम जारी रहेगा। दिन में मौसम सुहावना बना रहेगा। नवंबर में वैसे भी औसत रूप से बारिश की मात्रा सबसे कम होती है। ऐसे में किसानों को फिलहाल कोई राहत मिलने वाली नहीं है।