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Pithoragarh News: संवेदनशील पहाड़ियों के उपचार के लिए होगा ड्रोन सर्वे
Tue, 01 Aug 2023 11:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 01 Aug 2023 11:02 PM IST
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा, अब संवेदनशील जगहों में ड्रोन से होगा सर्व। संवाद
चंपावत। बारहमासी टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में कई स्थानों पर खतरनाक और संवेदनशील बनी पहाडिय़ों के उपचार के लिए अब ड्रोन सर्वे किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग में चंपावत से बस्टिया तक चिह्नित 28 संवेदनशील स्थानों का ड्रोन सर्वे किया जाएगा। ड्रोन सर्वे के बाद ही राजमार्ग में संवेदनशील बनी पहाडिय़ों का उपचार (ट्रीटमेंट) किया जाएगा।
बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान सिन्याड़ी, स्वांला, अमोड़ी, धौन, कोट अमोड़ी, चल्थी, अमरूबैंड, धौन आदि स्थानों पर कई नए डेंजर जोन विकसित हो गए हैं। इनका कार्यदायी संस्था और प्रशासन कोई हल नहीं निकाल पा रहा है। संवेदनशील पहाडिय़ों के उपचार के लिए कार्यदायी संस्था की ओर से कई बार भूगर्भीय सर्वेक्षण किए जाने के बाद भी स्वांला और अन्य स्थानों पर डेंजर जोन बनी पहाडिय़ों का ट्रीटमेंट नहीं होने से ड्रोन सर्वेक्षण कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
चंपावत से बस्तिया के बीच भू कटाव के कार्य को रोकने के लिए तैनात एचएमबीएस टैक्सटाइल कंपनी के परियोजना अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि राजमार्ग में 28 संवेदनशील स्थानों के उचित ट्रीटमेंट के लिए प्रशासन से पहाडिय़ों के ड्रोन सर्वेक्षण की अनुमति मांगी गई है। ड्रोन सर्वे के बाद ही पहाडिय़ों के ट्रीटमेंट का कार्य शुरू किया जाएगा।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में संवेदनशील स्थानों पर पहाडिय़ों का भूगर्भीय सर्वेक्षण किया जा रहा है। राजमार्ग में बस्टिया से मरोड़ाखान तक 28 स्थानों पर संवेदनशील पहाडिय़ों का ट्रीटमेंट किया जाना है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 192 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। ड्रोन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर पहाड़ी की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। - सुनील कुमार, ईई, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड, लोहाघाट
इंडियन जियो टेक्निकल टीम कर चुकी है भूगर्भीय सर्वेक्षण
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को बारहमासी सड़क बनाने के दौरान विकसित हुए नए डेंजर जोन को लेकर इंडियन जियो टेक्निकल टीम की ओर से पूर्व में भूगर्भीय सर्वेक्षण भी किया जा चुका है। इसकी प्रयोगशाला से रिपोर्ट आनी शेष है। राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से भूगर्भीय सर्वे के साथ ही अब ड्रोन सर्वे भी कराया जाएगा। संवाद
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बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान सिन्याड़ी, स्वांला, अमोड़ी, धौन, कोट अमोड़ी, चल्थी, अमरूबैंड, धौन आदि स्थानों पर कई नए डेंजर जोन विकसित हो गए हैं। इनका कार्यदायी संस्था और प्रशासन कोई हल नहीं निकाल पा रहा है। संवेदनशील पहाडिय़ों के उपचार के लिए कार्यदायी संस्था की ओर से कई बार भूगर्भीय सर्वेक्षण किए जाने के बाद भी स्वांला और अन्य स्थानों पर डेंजर जोन बनी पहाडिय़ों का ट्रीटमेंट नहीं होने से ड्रोन सर्वेक्षण कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
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चंपावत से बस्तिया के बीच भू कटाव के कार्य को रोकने के लिए तैनात एचएमबीएस टैक्सटाइल कंपनी के परियोजना अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि राजमार्ग में 28 संवेदनशील स्थानों के उचित ट्रीटमेंट के लिए प्रशासन से पहाडिय़ों के ड्रोन सर्वेक्षण की अनुमति मांगी गई है। ड्रोन सर्वे के बाद ही पहाडिय़ों के ट्रीटमेंट का कार्य शुरू किया जाएगा।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में संवेदनशील स्थानों पर पहाडिय़ों का भूगर्भीय सर्वेक्षण किया जा रहा है। राजमार्ग में बस्टिया से मरोड़ाखान तक 28 स्थानों पर संवेदनशील पहाडिय़ों का ट्रीटमेंट किया जाना है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 192 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। ड्रोन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर पहाड़ी की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। - सुनील कुमार, ईई, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड, लोहाघाट
इंडियन जियो टेक्निकल टीम कर चुकी है भूगर्भीय सर्वेक्षण
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को बारहमासी सड़क बनाने के दौरान विकसित हुए नए डेंजर जोन को लेकर इंडियन जियो टेक्निकल टीम की ओर से पूर्व में भूगर्भीय सर्वेक्षण भी किया जा चुका है। इसकी प्रयोगशाला से रिपोर्ट आनी शेष है। राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से भूगर्भीय सर्वे के साथ ही अब ड्रोन सर्वे भी कराया जाएगा। संवाद