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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ नगर से लेकर गांवों तक गहराया पेयजल संकट

Mon, 03 Jun 2024 11:18 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Mon, 03 Jun 2024 11:18 PM IST
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Drinking water crisis deepens from Pithoragarh city to villages
पिथौरागढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के कारण प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी कम हो गया है जिस
पिथौरागढ़। लगातार पड़ रही प्रचंड गर्मी के कारण पेयजल योजनाएं सूखती जा रही है। इस कारण पिथौरागढ़ नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग काफी मुश्किलों से जल स्रोतों से पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं। पिथौरागढ़ नगर में 12.89 एमएलडी पानी की जरूरत है जिसके सापेक्ष सिर्फ 7.15 एमएलडी पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है।
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पिथौरागढ़ नगर के सभी 20 वार्डों में पेयजल का संकट बना हुआ है। आए दिन लोग जल संकट से निजात दिलाने की मांग को लेकर जल संस्थान के अधिकारियों और डीएम, एसडीएम से मुलाकात कर रहे हैं। इसके बाद भी पेयजल संकट का समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है कि करीब 75 करोड़ से अधिक की लागत से बनी आंवलाघाट पेयजल योजना का जिस समय निर्माण किया गया, उस समय 12 एमएलडी पानी की आपूर्ति होने की बात कहीं गई थी लेकिन योजना के निर्माण के बाद जल निगम ने कहा कि इस योजना से नौ एमएलडी पानी मिलेगा।
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वर्तमान में तीन एमएलडी के एक नए वेल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है लेकिन इसे अभी तक चालू नहीं किया गया है। इस योजना में लगे अधिकतर पंप खराब चल रहे हैं। पिथौरागढ़ नगर को पेयजल आपूर्ति करने वाली रई और ठुलीगाड़ योजना से सिर्फ 0.25 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। घाट पेयजल योजना से भी सिर्फ 2.0 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। लोगों ने जल्द पेयजल संकट से निजात नहीं दिलाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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जगदीश कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि पिथौरागढ़ में भीषण गर्मी में पानी के संकट के चलते पिथौरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। अन्य वर्षों की तुलना में इस वर्ष नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। 100 करोड़ से ऊपर की लिफ्ट योजनाएं और जल जीवन मिशन योजना लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रही हैं। भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले दोनों योजनाओं के सफल होने का खूब दावा किया गया था लेकिन आज यह दोनों योजनाएं फ्लॉप हैं।

सन्दर्का में 35 परिवार एक नौले से बुझा रहे प्यास

चंपावत। ग्राम पंचायत कोट अमोड़ी के सन्दर्का गांव में पेयजल किल्लत से लोग परेशान हैं। 35 परिवार एक नौले से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। नौले का पानी भी गर्मी के चलते सूखने की कगार पर है। एक बाल्टी पानी भरने के लिए लोगों को आधे घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। लोग सुबह से ही पानी भरने के लिए लाइन लगाकर खड़े होने को मजबूर हैं। लोगों का का कहना है कि गांव में हर घर जल योजना के लिए लाइन तो बिछा दी गई है लेकिन नलों में पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं आ रहा है। लोगों का कहना है कि पेयजल आपूर्ति का सुचारु करने की जरूरत है। गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में पानी के लिए उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। संवाद


लोहाघाट में तीसरे-चौथे दिन मिल रहा पानी, लोगों में गुस्सा
लोहाघाट (चंपावत)। नगर में पेयजल की समस्या थमने का नाम नहीं ले रही है। नलों में तीसरे-चौथे दिन पानी की आपूर्ति होने लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों ने पेयजल समस्या का जल्द समाधान न होने पर चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद सात जून से आंदोलन करने की बात कही है।
सोमवार को मीनाबाजार में पूर्व पालिकाध्यक्ष गोविंद वर्मा की अध्यक्षता में पेयजल समस्या को लेकर लोगों ने बैठक की। लोगों का कहना था कि जल संस्थान नगर में तीसरे-चौथे दिन पानी की आपूर्ति कर रहा है। लोगों को दूषित पेयजल मिल रहा है, जिसे पीने से पीलिया, टायफायड और पेट की बीमारियां हो रही हैं। लोगों का कहना था कि सरयू लिफ्ट योजना को धरातल पर लाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व में घोषणा की थी लेकिन अब तक योजना में कोई भी प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने सरयू लिफ्ट पेयजल योजना बनने तक वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। बैठक में मनोज खर्कवाल, हेम बिष्ट, चंदन बिष्ट, नवीन कुमार, राजू बिष्ट, जीवन गहतोड़ी, चंद्रशेखर जोशी, नारायण लाल साह आदि थे।
पानी के बिल का शुल्क कम करने की मांग

बनबसा (चंपावत)। आंबेडकर ग्राम फागपुर के ग्रामीणों ने पानी का अत्यधिक बिल आने पर उत्तराखंड जल संस्थान से बिलों को कम करने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पानी का शुल्क कम करने की मांग की है।
आंबेडकर ग्राम फागपुर में स्वैप योजना से ओवर हेड टैंक बनाया गया था जिसमें ग्रामीणों का भी अंशदान था। पहले पानी सप्लाई का ग्रामसभा प्रति माह 50 रुपये शुल्क लेती थी लेकिन अब पानी वितरण की जिम्मेदारी टनकपुर स्थित जल संस्थान की है। तीन माह में जल संस्थान ग्रामीणों से 353 रुपये वसूल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अन्य जगहों पर प्रतिमाह 50 रुपये की दर से पानी का शुल्क वसूला जाता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज आंबेडकर ग्राम के लिए पानी वितरण शुल्क में कमी करने की मांग की है। फागपुर ग्राम सभा में सर्वाधिक पूर्व और वर्तमान सैनिकों का निवास है। राज्य आंदोलकारियों ने सरकार से पानी बिजली बिलों में छूट देने की मांग की है। ज्ञापन में पार्वती देवी, हेमा, किरन, संजू, उर्मिला, बबली, मनोज, मदन आदि समेत कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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