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दारमा महोत्सव में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम
Mon, 14 Jan 2019 11:15 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 14 Jan 2019 11:15 PM IST
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धारचूला में दारमा महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार।
- फोटो : पिथौरागढ़
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दारमा महोत्सव (वार्षिक अधिवेशन) की पहली रात मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ मुख्य अतिथि आईटीबीपी लोहाघाट के 36वीं वाहिनी के कमांडेंट सुभाष यादव और विशिष्ट अतिथि रं कल्याण संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष बिशन सिंह बोनाल ने किया।
रं समाज के लोकप्रिय गायक डबला फिरमाल, धीरा ग्वाल के साथ ग्राम पंचायत दांतू की टीम ने ईस्ट देव की वंदना प्रस्तुत की। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में दारमा के सभी 17 गांवों की टीमों ने रं गीतों पर लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा में बालिंग गांव की टीम ने महोत्सव पर आधारित रं गीत ‘छमनी हेल्लो साथू मेला रु दिन्या अई घाटीबगड़ एजीएम निंग दिन्या जौलजीबी युफन बोंगलिंग थुफन’ और बोंगलिंग की टीम ने भी ‘निंग बिरमी डिलन रानजु अई मेला रु खमरी ह्यानु बोली मुभामु जैन गालन सुगमू’ आदि रं गीत प्रस्तुत किए।
डॉ. प्रेम सिंह नगन्याल, भूप सिंह ग्वाल, डीआर सीपाल और देव सिंह दरियाल ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। दारमा सामाजिक सांस्कृतिक विकास समिति के अध्यक्ष राम सिंह सोनाल ने बताया कि इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजक आई सर्जन पदमश्री डॉ.जीवन तितियाल, हल्द्वानी के सुशीला तिवारी के आई सर्जन डॉ.गोविंद तितियाल ने अपने माता-पिता की स्मृति में आयोजित की है। अध्यक्ष ने बताया कि बालिंग टीम प्रथम, द्वितीय में तीजम और मार्छा की टीम तृतीय स्थान पर रही। विजेताओं को कमश: 10 हजार, सात हजार एवं पांच हजार रुपये पुरस्कार के रूप में प्रदान किए गए।
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दिलंग दारमा सेवा समिति के संरक्षक नारायण सिंह दरियाल ने दारमा एवं मल्ला दारमा के सभी 17 गांव के टीम प्रभारियों को महोत्सव में प्रतिभाग करने पर आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन रं यूथ फोरम के अध्यक्ष पूरन ग्वाल, सुखराज चलाल और जीवन मार्छाल ने किया।
महासचिव जगत दताल, जीवन नगन्याल, जीवन सीपाल, सामाजिक कार्यकर्ती शकुंतला दताल, छोरी देवी, सामाजिक कार्यकर्ता लीला बंगयाल, समिति की महिला सांस्कृतिक सचिव पुष्पा दुग्ताल, पार्वती दताल, आवती फकलियाल, कमांडेंट धर्मेंद्र दताल, दान सिंह सीपाल, विनोद सीपाल और दिनेश चलाल आदि उपस्थित थे।
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रं समाज के लोकप्रिय गायक डबला फिरमाल, धीरा ग्वाल के साथ ग्राम पंचायत दांतू की टीम ने ईस्ट देव की वंदना प्रस्तुत की। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में दारमा के सभी 17 गांवों की टीमों ने रं गीतों पर लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा में बालिंग गांव की टीम ने महोत्सव पर आधारित रं गीत ‘छमनी हेल्लो साथू मेला रु दिन्या अई घाटीबगड़ एजीएम निंग दिन्या जौलजीबी युफन बोंगलिंग थुफन’ और बोंगलिंग की टीम ने भी ‘निंग बिरमी डिलन रानजु अई मेला रु खमरी ह्यानु बोली मुभामु जैन गालन सुगमू’ आदि रं गीत प्रस्तुत किए।
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डॉ. प्रेम सिंह नगन्याल, भूप सिंह ग्वाल, डीआर सीपाल और देव सिंह दरियाल ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। दारमा सामाजिक सांस्कृतिक विकास समिति के अध्यक्ष राम सिंह सोनाल ने बताया कि इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजक आई सर्जन पदमश्री डॉ.जीवन तितियाल, हल्द्वानी के सुशीला तिवारी के आई सर्जन डॉ.गोविंद तितियाल ने अपने माता-पिता की स्मृति में आयोजित की है। अध्यक्ष ने बताया कि बालिंग टीम प्रथम, द्वितीय में तीजम और मार्छा की टीम तृतीय स्थान पर रही। विजेताओं को कमश: 10 हजार, सात हजार एवं पांच हजार रुपये पुरस्कार के रूप में प्रदान किए गए।
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दिलंग दारमा सेवा समिति के संरक्षक नारायण सिंह दरियाल ने दारमा एवं मल्ला दारमा के सभी 17 गांव के टीम प्रभारियों को महोत्सव में प्रतिभाग करने पर आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन रं यूथ फोरम के अध्यक्ष पूरन ग्वाल, सुखराज चलाल और जीवन मार्छाल ने किया।
महासचिव जगत दताल, जीवन नगन्याल, जीवन सीपाल, सामाजिक कार्यकर्ती शकुंतला दताल, छोरी देवी, सामाजिक कार्यकर्ता लीला बंगयाल, समिति की महिला सांस्कृतिक सचिव पुष्पा दुग्ताल, पार्वती दताल, आवती फकलियाल, कमांडेंट धर्मेंद्र दताल, दान सिंह सीपाल, विनोद सीपाल और दिनेश चलाल आदि उपस्थित थे।