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डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की हड़ताल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Tue, 03 Feb 2015 10:48 PM IST
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स्टाफ और डाक्टरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताली कर्मचारियों
को मनाने के लिए शील प्रबंधन बरेली ने प्रबंधक आशीष साहनी को यहां भेजा।
जिन्होंने मंगलवार को कर्मचारियों से लंबी वार्ता कर हड़ताल समाप्त करने का
अनुरोध किया। उनका कहना था कि पीएफ में जमा की गई धनराशि का पूरा ब्यौरा
बुधवार तक दे दिया जाएगा। साथ ही वेतनवृद्धि स्थानीय प्रबंधकाें की रिपोर्ट
के आधार पर की जाएगी। वार्ता में ललिता, रेनू, कविता, मीनाक्षी, मंजरी,
अनिल बिष्ट, गोविंद सुतेड़ी, त्रिलोक सिंह, राहुल कुमार, दीपक जोशी, केदार
माहरा, कुलदीप भट्ट, महेश जोशी, जगदीश सिंह ने भाग लिया।
वार्ता के बाद हड़ताली कर्मचारियों का कहना था कि शील प्रबंधन पिछले एक साल से उन्हें गुमराह करता आ रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक पीएफ का पूरा ब्यौरा उन्हें नहीं मिलता है साथ ही अन्य समस्याएं हल नहीं होती हैं, उनकी हड़ताल जारी रहेगी। दूसरी ओर अस्पताल के स्वच्छता सेवकों की हड़ताल आठवें रोज भी जारी रही। जिसके कारण अस्पताल के अंदर और बाहर गंदगी ने डेरा जमा लिया है। ऑपरेशन कक्ष में भारी गंदगी बनी हुई है। यही हाल शौचालयों और मूत्रालयों का भी है।
अन्य अस्पतालों से लोहाघाट पहुंचे डाक्टर
अस्पताल में हड़ताल की स्थिति से निपटने के लिए राजकीय अस्पताल सिप्टी से डा.अशोक तथा चौमेल से डा.राजकुमार ने यहां आकर रोगियों का उपचार किया। मौसम की खराबी के चलते मंगलवार को बहुत कम रोगी आए। जबकि होमोपैथिक डाक्टर केसी ततराड़ी ने भी उपचार किया। सीएमएस डा.राजेश गुप्ता के अनुसार मंगलवार को 30 रोगियों का उपचार किया गया।
वार्ता के बाद हड़ताली कर्मचारियों का कहना था कि शील प्रबंधन पिछले एक साल से उन्हें गुमराह करता आ रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक पीएफ का पूरा ब्यौरा उन्हें नहीं मिलता है साथ ही अन्य समस्याएं हल नहीं होती हैं, उनकी हड़ताल जारी रहेगी। दूसरी ओर अस्पताल के स्वच्छता सेवकों की हड़ताल आठवें रोज भी जारी रही। जिसके कारण अस्पताल के अंदर और बाहर गंदगी ने डेरा जमा लिया है। ऑपरेशन कक्ष में भारी गंदगी बनी हुई है। यही हाल शौचालयों और मूत्रालयों का भी है।
अन्य अस्पतालों से लोहाघाट पहुंचे डाक्टर
अस्पताल में हड़ताल की स्थिति से निपटने के लिए राजकीय अस्पताल सिप्टी से डा.अशोक तथा चौमेल से डा.राजकुमार ने यहां आकर रोगियों का उपचार किया। मौसम की खराबी के चलते मंगलवार को बहुत कम रोगी आए। जबकि होमोपैथिक डाक्टर केसी ततराड़ी ने भी उपचार किया। सीएमएस डा.राजेश गुप्ता के अनुसार मंगलवार को 30 रोगियों का उपचार किया गया।