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विद्यार्थियों की जान की परवाह नहीं भविष्य संवारने का कर रहे हैं दावा
Fri, 08 Mar 2019 10:53 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Fri, 08 Mar 2019 10:53 PM IST
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धारचूला के बुंगबुंग में दीवार गिरने से घायल बच्चे।
- फोटो : पिथौरागढ़
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तहसील मुख्यालय से 50 किमी दूर बुंगबुंग के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में चहारदीवारी गिर गई। चहारदीवारी की चपेट में आकर दो बच्चियां घायल हो गई। दोनों बच्चियों को प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।
बृहस्पतिवार को बुंगबुंग निवासी बबीता (13) पुत्री धन सिंह बिष्ट, यक्षिता (3) पुत्री जीवन सिंह अन्य बच्चों के साथ स्कूल के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान सुबह करीब 11 बजे चहारदीवारी ढह गई। चहारदीवारी के साथ बच्चियां करीब 60 फीट नीचे खाई में जा गिरी। लोगों ने दोनों बच्चियों को खाई से निकाला। शुक्रवार को दोनों बच्चियों को परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धारचूला लेकर आए। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चियों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉ. फुरकान ने बताया कि दोनों बच्चियों के सिर, आंख और पैर में चोट है। घायल छात्रा बबीता जूनियर हाईस्कूल में कक्षा 8 की छात्रा है। यक्षिता आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ती है। यक्षिता की मां विमला देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।
ग्राम प्रधान गीता देवी और पूर्व प्रधान राजेंद्र नबियाल ने उपजिलाधिकारी को पत्र देकर दोनों बच्चियों के इलाज में मदद मांगी है। कहा है कि जून 2018 की बरसात में विद्यालय की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से दीवार लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है। कई बार मरम्मत की मांग उठाने के बाद भी चहारदीवारी की मरम्मत नहीं की गई। इस लापरवाही का खामियाजा बच्चियों को भुगतना पड़ा। इन लोगों ने कहा है कि यदि चहारदीवारी की मरम्मत नहीं हुई तो और हादसे हो सकते हैं।
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इसी विद्यालय में चलता है जूनियर हाईस्कूल
जूनियर हाईस्कूल सिमखोला का भवन क्षतिग्रस्त होने के कारण जूनियर हाईस्कूल भी प्राथमिक विद्यालय बुंगबुंग में संचालित होता है। गांव का आंगनबाड़ी केंद्र भी इसी विद्यालय में चलता है। जूनियर में 10, प्राथमिक पाठशाला में 25 बच्चे पढ़ते हैं।
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बृहस्पतिवार को बुंगबुंग निवासी बबीता (13) पुत्री धन सिंह बिष्ट, यक्षिता (3) पुत्री जीवन सिंह अन्य बच्चों के साथ स्कूल के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान सुबह करीब 11 बजे चहारदीवारी ढह गई। चहारदीवारी के साथ बच्चियां करीब 60 फीट नीचे खाई में जा गिरी। लोगों ने दोनों बच्चियों को खाई से निकाला। शुक्रवार को दोनों बच्चियों को परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धारचूला लेकर आए। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चियों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉ. फुरकान ने बताया कि दोनों बच्चियों के सिर, आंख और पैर में चोट है। घायल छात्रा बबीता जूनियर हाईस्कूल में कक्षा 8 की छात्रा है। यक्षिता आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ती है। यक्षिता की मां विमला देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।
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ग्राम प्रधान गीता देवी और पूर्व प्रधान राजेंद्र नबियाल ने उपजिलाधिकारी को पत्र देकर दोनों बच्चियों के इलाज में मदद मांगी है। कहा है कि जून 2018 की बरसात में विद्यालय की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से दीवार लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है। कई बार मरम्मत की मांग उठाने के बाद भी चहारदीवारी की मरम्मत नहीं की गई। इस लापरवाही का खामियाजा बच्चियों को भुगतना पड़ा। इन लोगों ने कहा है कि यदि चहारदीवारी की मरम्मत नहीं हुई तो और हादसे हो सकते हैं।
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इसी विद्यालय में चलता है जूनियर हाईस्कूल
जूनियर हाईस्कूल सिमखोला का भवन क्षतिग्रस्त होने के कारण जूनियर हाईस्कूल भी प्राथमिक विद्यालय बुंगबुंग में संचालित होता है। गांव का आंगनबाड़ी केंद्र भी इसी विद्यालय में चलता है। जूनियर में 10, प्राथमिक पाठशाला में 25 बच्चे पढ़ते हैं।