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Pithoragarh News: रं संवाद में धारचूला की तीनों घाटियों के विकास पर चर्चा
Sun, 14 Jan 2024 11:05 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 14 Jan 2024 11:05 PM IST
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धारचूला में आयोजित संवाद में मौजूद रं संस्था के पदाधिकारी। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। रं कल्याण संस्था की ओर से संग्रहालय में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों ने तीनों घाटियों में अतिक्रमण किए जाने पर चिंता जताते हुए पर्यटन, स्वरोजगार और विकास के मुद्दों पर चर्चा की गई।
संवाद में त्रिभुवन गर्ब्याल ने कहा कि सुरक्षा बलों की ओर से ग्राम बुदि, गर्ब्यांग, गुंजी, कुटी, कालापानी और नाभीढांग आदि जगहों पर अतिक्रमण किया जा रहा है। राजन नबियाल ने आदि कैलाश, ओम पर्वत और पंचाचूली ग्लेशियर आदि धार्मिक स्थलों पर बढ़ती गंदगी पर चिंता जताई। कहा कि व्यास और दारमा घाटी में अंधाधुंध निर्माण, वाहनों की आवाजाही से पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है।
वाहन स्वामियों ने व्यास और दारमा घाटी की सड़क परिवहन विभाग से पास नहीं होने से दुर्घटना होने पर बीमा राशि नहीं मिलने की समस्या रखी। सौन गांव के सेब उत्पादक राम सिंह सोनाल ने युवाओं से कृषि से जुड़े रोजगार अपनाने का आह्वान किया।
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बोन निवासी अरविंद बोनाल ने दारमा घाटी में नुकसान पहुंचा रहे भालुओं की समस्या रखी। मुकेश गर्ब्याल ने क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन से भविष्य में होने वाले नुकसान को रोकने की अपील की। संस्था के मुख्य संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल ने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
मंगल सिंह कुटियाल, करण गर्ब्याल, पूर्व आईएफएस बिशन बोनाल, पूर्व कमिश्नर अजय नबियाल, पूर्व सीडीओ महेंद्र कुटियाल आदि ने युवाओं को विभिन्न जानकारियां दी। संचालन राजेंद्र सिंह नबियाल ने किया। वहां अध्यक्ष दीपक रोंकली, महासचिव धीरेंद्र दताल, विक्रम रोंकली, अशोक नबियाल, शांति नबियाल, अमृता ह्यांकी, कृष्णा गर्ब्याल, दौलत फकलियाल आदि मौजूद रहे।
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संवाद में त्रिभुवन गर्ब्याल ने कहा कि सुरक्षा बलों की ओर से ग्राम बुदि, गर्ब्यांग, गुंजी, कुटी, कालापानी और नाभीढांग आदि जगहों पर अतिक्रमण किया जा रहा है। राजन नबियाल ने आदि कैलाश, ओम पर्वत और पंचाचूली ग्लेशियर आदि धार्मिक स्थलों पर बढ़ती गंदगी पर चिंता जताई। कहा कि व्यास और दारमा घाटी में अंधाधुंध निर्माण, वाहनों की आवाजाही से पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है।
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वाहन स्वामियों ने व्यास और दारमा घाटी की सड़क परिवहन विभाग से पास नहीं होने से दुर्घटना होने पर बीमा राशि नहीं मिलने की समस्या रखी। सौन गांव के सेब उत्पादक राम सिंह सोनाल ने युवाओं से कृषि से जुड़े रोजगार अपनाने का आह्वान किया।
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बोन निवासी अरविंद बोनाल ने दारमा घाटी में नुकसान पहुंचा रहे भालुओं की समस्या रखी। मुकेश गर्ब्याल ने क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन से भविष्य में होने वाले नुकसान को रोकने की अपील की। संस्था के मुख्य संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल ने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
मंगल सिंह कुटियाल, करण गर्ब्याल, पूर्व आईएफएस बिशन बोनाल, पूर्व कमिश्नर अजय नबियाल, पूर्व सीडीओ महेंद्र कुटियाल आदि ने युवाओं को विभिन्न जानकारियां दी। संचालन राजेंद्र सिंह नबियाल ने किया। वहां अध्यक्ष दीपक रोंकली, महासचिव धीरेंद्र दताल, विक्रम रोंकली, अशोक नबियाल, शांति नबियाल, अमृता ह्यांकी, कृष्णा गर्ब्याल, दौलत फकलियाल आदि मौजूद रहे।